कानपुर की सड़कों पर एक बार फिर भक्तिभाव और सांस्कृतिक समरसता की झलक दिखेगी, जब 27 जून को ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा नगर भ्रमण पर निकलेगी। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन से पूर्व बुधवार को कानपुर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने स्वयं रथयात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा, "जगन्नाथ रथयात्रा न केवल कानपुर की धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के बीच गहराते सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत सेतु भी है। लगभग ढाई सौ वर्षों से यह परंपरा नगर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।

रथयात्रा 27 जून की शाम 5 बजे प्रारंभ होगी, जो लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरेगी। आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं 25 जून को रथयात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए थे।
कहा-कहा से निकलेगी यात्रा?
रथयात्रा शहर के जनरलगंज स्थित जगन्नाथ गली से रथयात्रा शुरू होकर काहूकोठी, नयागंज चौराहा, हूलागंज, भूसाटोली, नागेश्वर मन्दिर नयागंज चौराहा, जनरलगंज, मनीराम बगिया, मेस्टन रोड, चौक सर्राफा, कोतवाली चौराहा, शिवाला, संगम लाल मन्दिर, कमला टावर, लाठी मोहाल होकर जनरलगंज स्थित जगन्नाथ मंदिर पर समाप्त होगी।
निरीक्षण में अपर नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी नगर, पुलिस विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। रथयात्रा मार्ग की सफाई, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था जैसी प्रमुख तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। शेष कार्य भी आज सायंकाल तक संपन्न कर लिए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस पवित्र परंपरा में उत्साहपूर्वक भाग लें, अनुशासन और संयम बनाए रखें और कानपुर की इस गौरवशाली धार्मिक विरासत को मिल-जुलकर और अधिक भव्य बनाएं। आपको बता दें जगन्नाथ रथ यात्रा का हजारो श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है. यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अद्भुत उत्सव है।



