ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग ने दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाला है। इस संघर्ष के बीच रूस को सबसे ज्यादा फायदा मिलता दिख रहा है। जहां एक तरफ तेल की मांग बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ बड़े देशों के रिश्तों में भी बदलाव नजर आ रहा है।
अमेरिका क्यों कर रहा है हमला
अमेरिका का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है, जो पूरी दुनिया के लिए खतरा हो सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञ मानते हैं कि इस संघर्ष के पीछे तेल और मिडिल ईस्ट में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति भी है। ईरान के रूस और चीन से करीबी रिश्ते भी इस टकराव की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।
तेल व्यापार से रूस को बड़ा फायदा
जंग के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे रूस के तेल की मांग बढ़ गई है। भारत और चीन जैसे देश रूस से ज्यादा तेल खरीद रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रूस रोजाना बड़ी मात्रा में तेल बेचकर अरबों डॉलर कमा रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
नाटो पर भी मंडरा रहा खतरा
इस जंग का असर नाटो जैसे बड़े सैन्य गठबंधन पर भी पड़ता दिख रहा है। अमेरिका और यूरोप के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। अगर नाटो कमजोर होता है, तो यह रूस के लिए बड़ी रणनीतिक जीत साबित हो सकती है, क्योंकि यह गठबंधन उसी के खिलाफ बना था।
यूक्रेन मुद्दे पर भी असर
ईरान जंग के चलते अमेरिका का ध्यान अब दूसरे मुद्दों से हटता दिख रहा है। खासकर यूक्रेन विवाद पर पहले जैसी सक्रियता नजर नहीं आ रही है। इससे रूस को और ज्यादा फायदा मिल सकता है, क्योंकि उस मोर्चे पर दबाव कम हो सकता है।
आगे क्या होंगे हालात
इस पूरे घटनाक्रम ने दुनिया में नई चिंता पैदा कर दी है। आने वाले समय में यह जंग और किन देशों को प्रभावित करेगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। फिलहाल इतना तय है कि इस संघर्ष ने वैश्विक ताकतों के बीच संतुलन को बदलना शुरू कर दिया है।
