मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए सैन्य हमले के बाद अब ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर हमला किया गया। इसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
IRGC ने दी खुली चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देना जरूरी था। ईरान का दावा है कि बंदर अब्बास इलाके में हुए अमेरिकी हवाई हमले के बाद जवाबी मिसाइल कार्रवाई की गई। हालांकि जिस अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर आगे कोई सैन्य कार्रवाई हुई तो उसका और ज्यादा सख्त जवाब दिया जाएगा।
कुवैत में भी मिसाइल अलर्ट
तनाव के बीच कुवैत से भी बड़ी खबर सामने आई। कुवैती सेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में जुटी हुई है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा गया कि दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों का मुकाबला किया जा रहा है। इसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर पहुंच गई हैं।
अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया था। वॉशिंगटन का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा के लिए की गई। अमेरिका ने इसे रक्षात्मक कदम बताया है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ड्रोन हवा में ही मार गिराए।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ी चिंता
बंदर अब्बास और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास धमाकों की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है। धमाकों के बाद ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। माना जा रहा है कि अगर तनाव और बढ़ा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।
ट्रंप का सख्त संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत अमेरिका की शर्तों के मुताबिक नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका किसी दबाव में समझौता नहीं करेगा। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले घंटों में यह तनाव और बढ़ेगा या कूटनीतिक रास्ता निकलेगा।
