ईरान इजरायल और अमेरिका से सामने अकेले सीना तानकर खड़ा है। दोबारा इजरायल के हमले और अमेरिका के उसका साथ देने की आशंकाओं के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने दोनों देशों के खिलाफ जेहाद का फतवा जारी कर सारे मुस्लिम देशों को एक होने की अपील कर दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान पर हमला इस्लाम के खिलाफ हमला माना जाएगा। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दुश्मन-ए-इस्लाम घोषित किया है। उन्होंने कहा जंग नहीं अब जेहाद होगा और इस्लाम के दुश्मनों का सब मिलकर मकाबला करेंगे।
ईरान ने 12 दिन अकेले न केवल इजरायल को सीधा जवाब दिया बल्कि अमेरिका ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमला किया तो उस पर भी पलटवार किया। जब अमेरिका के सीधे युद्ध में शामिल होने की आशंका व्यक्त की जाने लगी तो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने दोनों देशों को एक साथ बरबाद करने की धमकी दे डाली। इस धमकी के बाद अमेरिका ने अपने को पीछे खींच लिया और कहा ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट कर उसने अपना काम कर दिया है।
ईरान के पलटवार के बाद अमेरिका ने इजरायल से बात करके एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी। जब तक इजरायल हमला करता रहा ईरान करारा जवाब देता रहा, इजरायल के रुकने के बाद ईरान ने भी हमले रोक दिए। दो दिन पहले अचानक ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया तो दुनिया फिर से युद्ध की आशंकाओं में घिर गई।
युद्ध शुरू होने के बाद इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा था खामेनेई की मौत के बाद ही जंग खत्म होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंम ने दोहराया था कि इजरायल खामेनेई की हत्या करने वाला था लेकिन उन्होंने रोक दिया। इसके बाद कहा जा रहा था कि खामेनेई अति सुरक्षित बंकर में चले गए हैं लेकिन कुछ दिन बाद ही उन्होंने वीडियो जारी कर बता दिया कि वह कहीं छिपे नहीं बल्कि सीना तानकर अपनी जनता के साथ खड़े हैं। अब जबकि उन्होंने जेहाद का ऐलान किया तो न केवल देश के दूसरे धार्मिक नेताओं बल्कि कुछ और इस्लामिक मुल्कों के धर्मिक नेताओं ने उनका समर्थ किया है। एक बात तो तय है कि अमेरिका के दबाव में भले तमाम मुस्लिम देश ईरान के साथ युद्ध में न आएं लेकिन वहां की जनता ग्रैंड अयातुल्लाह खामेनेई के साथ खड़ी होगी और यह अमेरिका के लिए भी भारी पड़ सकता है। इस फतवे के बाद सिया-सुन्नी दोनों एक हो रहे हैं जिसका संदेश साफ है कि अपना विवाद भुलाकर सारे मुस्लिम खामेनेई के समर्थन में आ रहे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता ग्रैंड अयातुल्लाह खामेनेई ने केवल बेंजामिन नेतन्याहू को खत्म करने की बात कह रहे हैं बल्कि इजरायल को मिटाने की बात भी कहते हैं। वह जंग को अब नए तरीके से लड़ने का प्लान बना रहे हैं। वह कोशिश में हैं कि यह जंग ईरान-इजरायल के बीच की न रहे बल्कि मुस्लिम मुल्कों और इजरायल की बन जाए। कुछ देशों से समर्थन के संकेतों के बीच खामेनेई फिर से सीना ताने खड़े हैं और दोनों देशों को खुली चुनौती दे रहे हैं। इसके साथ इजरायल और कुछ देशों ने यह भी आशंका जाहिर कर दी है कि ईरान ने फिर से अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू कर दिया है। अगर ऐसा है तो फिर कभी भी युद्ध शुरू हो सकता है, तब देखना होगा खामेनेई का फतवा कितना काम करता है, हालांकि ईरान ने इजरायल ही नहीं अमेरिका को जवाब देने के लिए फिर से पूरी तैयारी कर ली है।



