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जीवन मे प्रेम आ जाये, तो मोक्ष की चाह कैसी

जीवन मे प्रेम आ जाये, तो मोक्ष की चाह कैसी

न्यूज प्लस डेस्क , कानपुर। श्री बांकबिहारी जी परिवार सिमित की ओर से कानपुर के मोतीझील  श्रीमद्भागवत कथा का विशाल आयोजन चल रहा है। कथा व्यास भागवताचार्य मृदुल कृष्ण गोवामी जी महाराज ने कथा के तीसरे दिन प्रेम की व्याख्या करते हुए बताया कि प्रेम, गुणरिहत, कामनारहित प्रति क्षण बढ़ने वाला होता है। परंतु प्राणियों और पदार्थों से प्रेम होने पर यह काम और लोभ को जन्म देकर उपीड़क हो जाता है। कथा व्यास ने कहाकि वह परमात्मा से प्रेम होने पर वही शुद्ध और पवित्र हो जाता है।

कथा व्यास ने कहाकि गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी श्रीराम चरित मानस में परमात्मा से उनके प्रेम के बारे में लिखा है कि - कामिहि नारि पिआरि जिम लोभिहि प्रिय जिम दाम। तिमि रघुनाथ निरंतरि प्रिय लागहु मोही राम।। कथा व्यास श्री गोवामी जी ने कानपुर नगर के बारे में अत्यंत भावार्थ व्यक्त करते हुए कहा कि- कणात् प्रविष्य जनानाम् पुनाति इति कानपुर, उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा कानों से प्रवेश कर हृदय को पवित्र करती है, वह स्थान कानपुर है। कथा व्यास जी के मुख से कथा रस और मधुर भजन – कृष्णा रटे से तृष्णा मिटे, ये एक अर्ज मेरी सुन लो दिलदार ऐ कन्हैया, श्री राधे गोपाल भज मन श्री राधे आदि को सुनकर श्रोतागण भाव विभोर होकर झूम उठे और मंत्रमुग्ध होकर नृय करने लगे। पंडाल श्रीराधा नाम की जय जयकार से वृंदावन मय हो गया। आयोजन मे संजय गुता, पंकज बंका, राम किशन अग्रवाल, विनोद मुरारका, अनुपम अग्रवाल, राज गुता, राम कृष्ण गुता, कृष्ण कमार तुलस्यान, अंकिर सिंघल एवं विजय पाल आदि रहे।

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