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होर्मुज बंद हुआ तो क्या होगा, दुनिया की तेल सप्लाई और महंगाई पर बड़ा संकट मंडराता दिख रहा

होर्मुज बंद हुआ तो क्या होगा, दुनिया की तेल सप्लाई और महंगाई पर बड़ा संकट मंडराता दिख रहा

दुनिया में इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अस्थिरता बनी हुई है। अगर यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से
अमेरिकी ऊर्जा एजेंसियों के अनुसार, दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। इसका मतलब है कि अगर यहां रुकावट आती है, तो यह सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और बाजार में अस्थिरता बढ़ जाएगी।

वैकल्पिक रास्ते भी नहीं दे पाएंगे राहत
कुछ देशों ने वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं, जैसे सऊदी अरब की पाइपलाइन या यूएई का बाईपास सिस्टम। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी क्षमता सीमित है और यह पूरी सप्लाई की कमी को पूरा नहीं कर सकते। ऐसे में संकट की स्थिति में तेल की कमी बनी रह सकती है।

लंबे रास्तों से बढ़ेगी लागत
अगर जहाजों को दूसरे समुद्री रास्तों से जाना पड़ेगा, तो लागत काफी बढ़ जाएगी। ईंधन, बीमा और समय सभी में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ेगा और बाजार में महंगाई बढ़ने लगेगी, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा।

दूसरे देशों से सप्लाई की कोशिश
अगर होर्मुज बंद हो जाता है, तो देश अमेरिका, रूस और पश्चिम अफ्रीका जैसे अन्य स्रोतों से तेल लेने की कोशिश करेंगे। लेकिन ये विकल्प तुरंत पूरी कमी को पूरा नहीं कर पाएंगे। इससे शॉर्ट टर्म में तेल की कमी और कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

महंगाई और रोजमर्रा पर असर
इस पूरे संकट का असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहेगा। प्लास्टिक, ट्रांसपोर्ट और खाने-पीने की चीजों तक इसकी मार पड़ सकती है। देश अपने इमरजेंसी भंडार का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन यह केवल अस्थायी समाधान होगा। लंबे समय में इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा बना रहेगा।

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