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गाजा में हमास की क्रूर कार्रवाई: 8 लोगों को इजराइली जासूस बताकर सरेआम गोली मारी

गाजा में हमास की क्रूर कार्रवाई: 8 लोगों को इजराइली जासूस बताकर सरेआम गोली मारी

इजराइल-हमास युद्धविराम के कुछ दिनों बाद ही गाजा पट्टी में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है। हमास ने गाजा सिटी की सड़कों पर 8 फिलिस्तीनियों को इजराइली जासूस बताकर सार्वजनिक रूप से गोली मार दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें हमास के लड़ाके आरोपियों की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें घुटनों के बल बैठाते हैं और फिर करीब से गोली मारते नजर आ रहे हैं। घटना के दौरान आसपास की भीड़ 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही थी, जो हमास की सत्ता को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ उसकी सख्ती को दर्शाता है।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई गाजा सिटी के व्यस्त इलाकों में की गई, जहां हमास की आंतरिक सुरक्षा बलों ने हाल ही में इजराइली सेना की वापसी के बाद नियंत्रण मजबूत करने के लिए अभियान चलाया है। मारे गए 8 लोगों पर इजराइल के साथ सहयोग करने और जासूसी करने का आरोप था। हमास के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ये लोग 'दुश्मन के साथ मिलकर प्रतिरोधकों की हत्या में शामिल थे' और उनकी सजा एक चेतावनी है कि गद्दारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि आरोपियों को एक दीवार के पास लाइन में खड़ा किया गया, उनकी आंखों पर काली पट्टी बांधी गई और फिर हमास के सशस्त्र सदस्यों ने उन पर गोलियां चलाईं। यह घटना सोमवार को हुई, जब गाजा में हमास और स्थानीय कबीले गुटों के बीच झड़पें बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ऐसी सार्वजनिक फांसी से इलाके में दहशत का माहौल है, लेकिन हमास इसे 'कानून व्यवस्था बहाल करने' का हिस्सा बता रहा है।

यह घटना इजराइल-हमास युद्धविराम के बाद की अस्थिरता को उजागर करती है। हाल ही में इजराइली सेना ने गाजा के कई इलाकों से वापसी की है, जिसके बाद हमास ने अपनी सत्ता को मजबूत करने के लिए प्रतिद्वंद्वी गुटों और संदिग्ध जासूसों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने गाजा सिटी में कई जासूसों और सूचना देने वालों को गिरफ्तार किया है, जिन पर इजराइल के साथ मिलीभगत का आरोप है। हारेत्ज अखबार ने बताया कि कम से कम 4 लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दी गई, लेकिन हिंदी मीडिया रिपोर्ट्स में कुल 8 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।

हमास के इस अभियान का उद्देश्य जाबालिया और आसपास के शरणार्थी शिविरों में अपनी पकड़ मजबूत करना है, जहां प्रतिद्वंद्वी कबीले और मिलिशिया समूह इजराइल से समर्थन का दावा कर रहे हैं। दोगमुश कबीले के साथ हाल की झड़पों में कई मौतें हो चुकी हैं, और हमास ने अपराधी गिरोहों के लिए एक सप्ताह की माफी की घोषणा की है, लेकिन खूनखराबे में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को हथियार डालने की चेतावनी दी है। उनके 20-सूत्रीय शांति योजना में हमास के सदस्यों को माफी, हथियारों का निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (आईएसएफ) की तैनाती शामिल है। ट्रंप ने कहा, "हमास को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध होना होगा, अन्यथा परिणाम भुगतने पड़ेंगे।" इजराइल ने हमास के निरस्त्रीकरण की मांग की है, जबकि जॉर्डन और मिस्र जैसे देश फिलिस्तीनी पुलिस को प्रशिक्षित करने में भूमिका निभा सकते हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि सार्वजनिक फांसी बिना निष्पक्ष सुनवाई के अमानवीय है और गाजा में मानवीय संकट को बढ़ा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने भी गाजा में सुरक्षा और पुलिसिंग की स्थिति पर चिंता जताई है।

गाजा की मौजूदा स्थिति

युद्धविराम के बाद गाजा में मानवीय संकट गहरा रहा है। बुनियादी ढांचे की तबाही, भोजन और चिकित्सा की कमी के बीच हमास की यह कार्रवाई आंतरिक संघर्ष को बढ़ावा दे सकती है। स्थानीय स्रोतों के अनुसार, हमास ने दर्जनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, और आने वाले दिनों में और सजाएं दी जा सकती हैं।

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