त्योहारों के मौसम में कीमती धातुओं के दामों ने नया इतिहास रच दिया है। धनतेरस से महज एक दिन पहले सोने की कीमत पहली बार ₹1.30 लाख के स्तर को पार कर गई। चांदी में भी रफ्तार देखने को मिली है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव आज ₹2,113 की तेजी के साथ ₹1,30,874 पर पहुंच गया। वहीं, चांदी भी कम नहीं ठहरी – प्रति किलोग्राम ₹1,147 की बढ़ोतरी के साथ यह ₹1,71,275 पर ट्रेड कर रही है। यह उछाल निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए खुशी और चिंता दोनों का सबब बन गया है। सोने-चांदी के दामों में आज देशभर में एकसमान तेजी देखी गई। यहां प्रमुख शहरों के रेट्स दिए गए हैं
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹) | 22 कैरेट सोना (₹) | चांदी (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,30,874 | 1,19,800 | 1,71,275 |
| मुंबई | 1,30,874 | 1,19,800 | 1,71,275 |
| कोलकाता | 1,30,874 | 1,19,800 | 1,71,275 |
| चेन्नई | 1,32,770 | 1,21,700 | 1,72,000 |
| हैदराबाद | 1,32,770 | 1,21,700 | 1,72,000 |
| बैंगलोर | 1,31,880 | 1,20,700 | 1,70,353 |
| रायपुर | 1,31,880 | 1,20,700 | 1,69,570 |
| पटना | 1,32,080 | 1,20,900 | 1,69,950 |
क्यों चढ़े दाम? प्रमुख कारण
इस रिकॉर्ड उछाल के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतें पिछले 16 दिनों से लगातार बढ़ रही हैं, और आज का जंप त्योहारी मांग से प्रेरित है। मुख्य वजहें:
- त्योहारी सीजन की मांग: धनतेरस और दीवाली के लिए उपहार, आभूषण और निवेश की होड़ ने बाजार को गर्म कर दिया। ज्वेलर्स का अनुमान है कि इस बार सोने की बिक्री 20% बढ़ सकती है, लेकिन ऊंचे दामों से मध्यम वर्ग पर बोझ पड़ेगा।
- वैश्विक अनिश्चितताएं: अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव (जैसे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता) और मुद्रास्फीति ने सोने को 'सुरक्षित निवेश' का दर्जा दिया। सेंट्रल बैंक, खासकर चीन के पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार सोना खरीद रहा है।
- कमजोर डॉलर और रुपया: यूएस डॉलर इंडेक्स की गिरावट ने सोने को सस्ता बनाया, जबकि रुपये की कमजोरी (अभी ₹85.50 के आसपास) ने आयातित सोने को महंगा कर दिया। फेड रिजर्व की ब्याज दर कटौती (सितंबर में 25 bps) ने भी निवेशकों को आकर्षित किया।
- औद्योगिक डिमांड: चांदी की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण इसका इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में इस्तेमाल है। ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन से चांदी की वैश्विक मांग 10% बढ़ी है।
- घरेलू कारक: जीएसटी रिफॉर्म्स, पे कमीशन अरियर्स और कम हो रही महंगाई ने घरेलू खरीदारी को बढ़ावा दिया। हालांकि, एमसीएक्स पर स्मगलिंग की खबरें भी बाजार को प्रभावित कर रही हैं।
इस साल अब तक सोना ₹54,712 और चांदी ₹85,258 महंगी हो चुकी है – पिछले साल धनतेरस के मुकाबले 65% की बढ़ोतरी!
कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि यह तेजी अस्थायी हो सकती है। गोल्डमैन सैच की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल सोना $5,000 प्रति औंस (लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच सकता है। वहीं, पीएल कैपिटल के संदीप रायचुरा कहते हैं, "1.44 लाख तक संभव, लेकिन त्योहारों के बाद सुधार आ सकता है।
चांदी के लिए मोटिलाल ओसवाल का पूर्वानुमान: 2027 तक $77 प्रति औंस (₹2.46 लाख प्रति किलो), लेकिन शॉर्ट टर्म में 10-20% गिरावट का खतरा। सलाह: डिप्स पर खरीदें, स्टॉप लॉस के साथ। अगर ब्याज दरें बढ़ीं, तो कीमतें 10% नीचे आ सकती हैं।



