भारत की यात्रा कर देश की संस्कृति और खूबसूरती को दुनिया तक पहुंचाने वाली विदेशी ट्रैवल व्लॉगर इनेस फारिया का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने भारतीय ट्रेन में सफर के दौरान अपने साथ हुई एक असहज घटना का जिक्र किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर महिला सुरक्षा और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
ट्रेन में महसूस की असहजता
इनेस फारिया ने बताया कि वह ट्रेन के 3एसी कोच में यात्रा कर रही थीं। उनके अनुसार, सामने बैठे कुछ युवक लगातार उन्हें घूर रहे थे और बार-बार अपनी सीट बदल रहे थे। व्लॉगर का कहना है कि इस व्यवहार से वह असहज महसूस करने लगीं। उन्होंने बताया कि माहौल को देखते हुए उन्होंने अपनी सीट छोड़कर दूसरे डिब्बे की ओर जाने का फैसला किया, लेकिन उन्हें लगा कि एक युवक उनका पीछा कर रहा है।
वॉशरूम तक पीछा करने का आरोप
व्लॉगर ने दावा किया कि जब वह दूसरे कोच के वॉशरूम तक पहुंचीं तो एक युवक उनके पीछे आ गया। उनके अनुसार, वॉशरूम के बाहर वह युवक काफी देर तक मौजूद रहा और दरवाजा खोलने की भी कोशिश की। हालांकि, उसी समय उनके साथ यात्रा कर रहा एक मित्र वहां पहुंच गया, जिसके बाद स्थिति और नहीं बिगड़ी। इनेस ने कहा कि उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता महसूस की।
रेलवे स्टाफ ने की मदद
घटना के बाद इनेस और उनके मित्र ने रेलवे कर्मचारियों से शिकायत की। व्लॉगर के मुताबिक रेलवे स्टाफ ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और सुरक्षा के मद्देनजर उनकी सीट बदल दी। उन्हें 3एसी से 2एसी कोच में शिफ्ट किया गया। इनेस ने रेलवे कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद से उन्हें राहत मिली और उन्होंने स्टाफ का धन्यवाद भी किया।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ महिलाओं ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर असहज परिस्थितियों का सामना करना उनके लिए भी नई बात नहीं है। वहीं कई लोगों ने रेलवे प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की सराहना की। यह घटना एक बार फिर महिला यात्रियों और विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है।
सुरक्षित माहौल की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन और देश की छवि को मजबूत बनाने के लिए यात्रियों, खासकर महिलाओं और विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित माहौल देना बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और जागरूकता ही विश्वास बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।
