ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है। कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनका लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है और चेकिंग के दौरान उन्हें जुर्माना भरना पड़ जाता है। नियमों के मुताबिक एक्सपायर लाइसेंस के साथ वाहन चलाना वैध नहीं माना जाता। ऐसे में समय रहते लाइसेंस का नवीनीकरण कराना जरूरी है ताकि किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।
30 दिन का मिलता है ग्रेस पीरियड
ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद वाहन चालकों को 30 दिनों का ग्रेस पीरियड दिया जाता है। इस दौरान बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के लाइसेंस का रिन्यूअल कराया जा सकता है। यदि इस अवधि में नवीनीकरण नहीं कराया जाता तो उसके बाद निर्धारित लेट फीस देनी पड़ती है। इसलिए लाइसेंस की समाप्ति तिथि पर नजर रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
एक्सपायर्ड लाइसेंस पर कितना जुर्माना?
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में 500 रुपये से 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि जुर्माने की राशि अलग-अलग राज्यों में स्थानीय नियमों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए एक्सपायर लाइसेंस के साथ सड़क पर निकलना महंगा पड़ सकता है।
कब तक करा सकते हैं रिन्यूअल?
कई राज्यों में लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए लंबी अवधि तक की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। कुछ मामलों में पांच साल तक रिन्यूअल कराया जा सकता है, लेकिन इसके बाद प्रक्रिया कठिन हो सकती है। लंबे समय तक लाइसेंस रिन्यू नहीं कराने पर लाइसेंस रद्द होने की संभावना भी रहती है और दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है।
ऑनलाइन कैसे करें आवेदन?
लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए वाहन चालक ऑनलाइन प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए परिवहन पोर्टल पर जाकर डीएल रिन्यूअल विकल्प चुनना होगा। इसके बाद जरूरी जानकारी भरकर आवेदन जमा किया जा सकता है। ऑनलाइन सुविधा से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम पड़ती है।
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए पुराने लाइसेंस की कॉपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर पहचान पत्र जैसे पहचान दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों या कमर्शियल लाइसेंस धारकों को मेडिकल सर्टिफिकेट भी देना पड़ सकता है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो भी आवेदन के साथ लगानी होती है। समय पर दस्तावेज तैयार रखने से रिन्यूअल प्रक्रिया आसान हो जाती है।
