अमरनाथ पवित्र यात्रा गुरुवार से शुरू हो गई। पहलगाम मे हुए आतंकी हमले और आपरेशन सिंदूर की बड़ी सफलता के बाद श्री अमरनाथ यात्रा के लिए भारी संख्या मे लोग पहुच रहे है चहरे पर मुस्कान, बम-बम बोले का नारा और मन मे उत्साह लिए श्रद्धालुओं बिना किसी परेशानी के गुफा कि ओर कदम बढा रहे है।
अधिकारियों ने जानकारी में बताया कि अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बालटाल से 38 दिवसीय वार्षिक यात्रा शुरू होने के बाद से लगभग 14,000 तीर्थयात्री 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके है। पहले दिन शाम करीब 7 बजे तक 12,348 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन किए। इनमें करीब 10,000 और 2,223 महिलाओं के साथ बच्चे, साधु, साध्वी श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंचे।
बता दें तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था गुरुवार को जम्मू के भगवतीनगर बेस कैंप से रवाना हुआ, जो दोपहर 2 बजे पहलगाम बेस कैंप पहुंच गया। यात्रियों को लेकर तीसरा जत्था शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ। तीसरे जत्थे में शामिल तीर्थयात्रियों की संख्या 6,400 है, जिनमें 4,000 से अधिक पुरुष, 1,071 महिलाएं, 37 बच्चे और 580 साधु-साध्वियां शामिल हैं।
इन रास्तों से गुजरकर गुफा तक पहुतचे है श्रद्धालु
बाबा बर्फानी के दर्शन इतने आसानी से नही मिलते है, अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए भक्तों को काफी लंबा और चुनौतीपूर्ण ट्रैक करना पड़ता है। बता दें दो मुख्य रास्तों बालटाल और पहलगाम से होकर श्रद्धालु बाबा की गुफा तक पहुंचते हैं. कोई 3 दिन का लंबा सफर चुनता है तो कोई 1 दिन का रोमांचक ट्रैक. बताते चले की पहलगाम रास्ते से बर्फानी बाबा के दर्शन में आमतौर पर 3 से 4 दिन का समय लगता है. यह मार्ग करीब 48 किलोमीटर लंबा है. बालटाल रूट से बाबा बर्फानी बाबा के दर्शन में 1 से 2 दिन का टाइम लगता है. यह मार्ग करीब 15 किलोमीटर लंबा है. यह रास्ता छोटा तो है, लेकिन इसमें खड़ी चढ़ाई और संकरे, खतरनाक मोड़ होते हैं, जो इसे चुनौतीपूर्ण बनाते हैं. यह उन युवाओं और स्वस्थ लोगों के लिए उपयुक्त है जिनके पास कम समय है और जो रोमांच पसंद करते हैं।
38 दिन तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा पहलगाम और बालटाल दोनों रूटों से होगी। यात्रा का समापन 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन होगा। पिछले साल यात्रा 52 दिन चली थी जिसमे 5 लाख भक्तों नेबाबा बर्फानी गुफा के दर्शन किए थे। इस साल अब तक 3.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।



