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उम्र के हिसाब से कितनी सैर है सही? एक्सपर्ट ने बताया रोज कितने किलोमीटर चलना फायदेमंद

उम्र के हिसाब से कितनी सैर है सही? एक्सपर्ट ने बताया रोज कितने किलोमीटर चलना फायदेमंद

आज की व्यस्त जिंदगी में फिट रहने के लिए पैदल चलना सबसे आसान तरीका माना जाता है। नियमित सैर करने से शरीर सक्रिय रहता है, वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और कई बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अब अपने दैनिक जीवन में वॉक को शामिल कर रहे हैं।

उम्र के अनुसार जरूरत
एक्सपर्ट के अनुसार हर व्यक्ति के लिए चलने की दूरी एक जैसी नहीं होती। यह उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता पर निर्भर करती है। किसी युवा व्यक्ति की जरूरत और क्षमता बुजुर्ग व्यक्ति से अलग हो सकती है। इसलिए केवल दूसरों को देखकर दूरी तय करना सही नहीं माना जाता।

वयस्कों को कितना चलना चाहिए
विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं की गाइडलाइन के अनुसार 18 से 64 वर्ष के लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति की शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। अगर इसे पैदल चलने में बदलें तो सामान्य तौर पर रोज 3 से 5 किलोमीटर चलना इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर सकता है। नियमित और तेज चाल से की गई सैर ज्यादा लाभदायक मानी जाती है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए नियम
5 से 17 वर्ष के बच्चों और किशोरों को रोज कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। वहीं 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पैदल चलने के साथ संतुलन और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां भी करनी चाहिए। इससे गिरने और चोट लगने का खतरा कम हो सकता है।

सैर से मिलते हैं कई फायदे
रोजाना सैर करने से कैलोरी बर्न होती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा दिल को स्वस्थ रखने, रक्तचाप नियंत्रित करने और शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में भी पैदल चलना उपयोगी माना जाता है। जो लोग नियमित रूप से चलते हैं, उनमें कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम देखा गया है।

ब्लड शुगर और इम्यूनिटी पर असर
एक्सपर्ट बताते हैं कि भोजन के बाद थोड़ी देर टहलना ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। साथ ही नियमित सैर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाती है। जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को भी हल्की और नियमित वॉक से फायदा मिल सकता है। इसलिए उम्र और क्षमता के अनुसार रोजाना सैर को जीवनशैली का हिस्सा बनाना बेहतर माना जाता है।

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