सोना हमेशा से निवेशकों का पसंदीदा रहा है, लेकिन क्या आने वाले दशकों में इसकी कीमत इतनी बढ़ जाएगी कि 1 किलोग्राम सोना एक प्राइवेट जेट जितना महंगा हो जाए? हाल ही में उद्योगपति हर्ष गोयनका की एक पोस्ट ने इस बहस को हवा दी है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि 2030 तक 1 किलो सोना एक रोल्स रॉयस कार जितना और 2040 तक एक प्राइवेट जेट जितना महंगा हो सकता है। लेकिन क्या यह संभव है?
आज की तारीख में, भारत में 1 किलोग्राम (1000 ग्राम) 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.22 करोड़ रुपये है। पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमत में लगातार वृद्धि देखी गई है, जो मुद्रास्फीति, वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की बढ़ती मांग के कारण है। उदाहरण के लिए, 2024-2025 में सोने की कीमत में औसतन 5-7% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। अगर यह रुझान जारी रहा, तो भविष्य में सोना और भी मूल्यवान हो सकता है।
विश्व स्तर पर, सोने की कीमत डॉलर में मापी जाती है। वर्तमान में एक औंस (लगभग 31.1 ग्राम) सोने की कीमत करीब 2,600 डॉलर है। लेकिन 2040 तक की भविष्यवाणियां इसे 4,500 से 6,800 डॉलर प्रति औंस तक ले जाने की बात कहती हैं। अगर हम 1 किलोग्राम सोने को कैलकुलेट करें (जो लगभग 32.15 औंस के बराबर है), तो 2040 में इसकी कीमत 1.45 लाख डॉलर से 2.18 लाख डॉलर (लगभग 12 करोड़ से 18 करोड़ रुपये, मौजूदा विनिमय दर पर) तक पहुंच सकती है।
प्राइवेट जेट की कीमत: कितनी महंगी है लग्जरी?
एक प्राइवेट जेट की कीमत पर बात करें तो यह काफी विस्तृत है। भारत में एक छोटे टर्बोप्रॉप जेट की कीमत 1.5 करोड़ रुपये से शुरू हो सकती है, जबकि बड़े लग्जरी जेट्स की कीमत 22 करोड़ से 800 करोड़ रुपये तक जा सकती है। औसतन, एक मध्यम आकार के प्राइवेट जेट की खरीद कीमत 16 करोड़ से 80 करोड़ रुपये के बीच होती है। अगर हम चार्टर करने की बात करें, तो प्रति घंटे की लागत 1.5 लाख से 8 लाख रुपये तक हो सकती है, लेकिन दावा खरीद की कीमत पर आधारित लगता है।
अब सवाल यह है कि क्या 2040 तक सोने की कीमत इतनी बढ़ जाएगी कि वह एक प्राइवेट जेट के बराबर हो जाए? वर्तमान में 1 किलो सोना (1.22 करोड़) एक छोटे जेट के बराबर है, लेकिन बड़े जेट्स के लिए अभी दूर है।
विशेषज्ञों की भविष्यवाणियां: 5% सालाना वृद्धि का अनुमान
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2025 से 2040 तक सोने की कीमत में औसतन 5% सालाना वृद्धि की उम्मीद है। ट्रेडर्स यूनियन और अन्य विश्लेषकों का अनुमान है कि 2040 तक सोना 6,792 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जो अनिश्चितताओं के कारण है। बीटमार्केट जैसे प्लेटफॉर्म्स का कहना है कि 2040 तक सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस हो सकता है, जबकि कुछ आशावादी अनुमान 6,800 डॉलर तक ले जाते हैं।
अगर हम 5% कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) मानें, तो मौजूदा 1.22 करोड़ रुपये की कीमत 2040 तक (15 साल बाद) लगभग 2.5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। लेकिन अगर वृद्धि 7-8% रही, जैसा कि कुछ रिपोर्ट्स सुझाती हैं, तो यह 3-4 करोड़ तक जा सकती है। हालांकि, हर्ष गोयनका का दावा अधिक आशावादी लगता है, जो मुद्रास्फीति, वैश्विक युद्धों या आर्थिक संकटों पर आधारित हो सकता है।
क्या यह संभव है?
- समर्थक कारक: सोने की मांग बढ़ रही है, खासकर एशिया में। भारत और चीन जैसे देशों में सोना निवेश और सांस्कृतिक महत्व रखता है। वैश्विक मुद्रास्फीति और डॉलर की कमजोरी सोने को मजबूत कर सकती है।
- विरोधी कारक: अगर अर्थव्यवस्था स्थिर रही, तो सोने की कीमत इतनी तेजी से नहीं बढ़ेगी। क्रिप्टोकरेंसी या अन्य एसेट्स सोने का विकल्प बन सकते हैं। इसके अलावा, 2040 तक मुद्रा विनिमय दरें बदल सकती हैं, जो कीमत को प्रभावित करेंगी।
- कैलकुलेशन उदाहरण: अगर सोने की कीमत 7.2% CAGR से बढ़े, जैसा कि स्किलिंग रिपोर्ट में कहा गया है, तो 2040 में 1 किलो सोना लगभग 3 करोड़ रुपये का हो सकता है – जो एक छोटे प्राइवेट जेट के बराबर है, लेकिन बड़े जेट (80 करोड़+) से कम।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा होना चाहिए, लेकिन भविष्यवाणियां अनिश्चित हैं। हर्ष गोयनका की पोस्ट एक चेतावनी है: "1 किलो सोना रखें, यह भविष्य में लग्जरी आइटम जितना मूल्यवान हो सकता है।" लेकिन निवेश से पहले पेशेवर सलाह लें।



