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सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: एक दिन में सोना ₹1,836 सस्ता, चांदी ₹4,417 टूटी

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: एक दिन में सोना ₹1,836 सस्ता, चांदी ₹4,417 टूटी

दिवाली के उत्साह के बाद सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ गई है। गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमत में एक दिन के दौरान ₹1,836 प्रति दस ग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ₹4,417 प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। सात दिनों की बात करें तो सोने की कीमत ₹9,356 प्रति दस ग्राम लुढ़क चुकी है, वहीं चांदी में ₹31,000 प्रति किलोग्राम की भारी कमी आ गई है। यह गिरावट निवेशकों के बीच चिंता का विषय बन गई है, खासकर तब जब त्योहारों के दौरान ये धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई छू रही थीं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर गुरुवार को सोने के दिसंबर एक्सपायरी अनुबंध में ₹1,836 की गिरावट के साथ भाव ₹1,20,074 प्रति दस ग्राम पर बंद हुए। चांदी के दिसंबर अनुबंध में ₹4,417 की कमी के बाद भाव ₹1,55,000 प्रति किलोग्राम रह गए। यह गिरावट वैश्विक बाजारों के प्रभाव से उपजी है, जहां अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा की प्रतीक्षा ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीवाली रैली के बाद प्रॉफिट बुकिंग ने इस गिरावट को तेज कर दिया है।

उपभोक्ताओं को राहत

देश के प्रमुख शहरों में सोने-चांदी की कीमतें गुरुवार को निम्न स्तर पर पहुंच गईं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना प्रति दस ग्राम ₹1,20,500 पर ट्रेड हुआ, जबकि मुंबई में ₹1,20,200, कोलकाता में ₹1,20,300 और चेन्नई में ₹1,20,400 पर उपलब्ध रहा। 22 कैरेट सोने की कीमतें भी इसी अनुपात में घटीं, जो ₹1,10,200 से ₹1,10,500 के बीच रही। चांदी की बात करें तो दिल्ली-मुंबई में ₹1,54,800 प्रति किलोग्राम, जबकि दक्षिण भारत के शहरों में ₹1,55,200 तक बिकी।

यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए राहत की सांस है, खासकर उन परिवारों के लिए जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए इन धातुओं पर निर्भर हैं। लेकिन ज्वेलरी उद्योग पर इसका उलटा असर पड़ रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, पिछले सात दिनों में स्टॉक मूल्य में ₹50 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। एक ज्वेलर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "त्योहारों के बाद ग्राहक इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यह अचानक गिरावट हमारे मार्जिन को प्रभावित कर रही है।"

सात दिनों की गिरावट

17 अक्टूबर को सोना प्रति दस ग्राम ₹1,29,430 के रिकॉर्ड स्तर पर था, जो धनतेरस की चमक बिखेर रहा था। लेकिन सात दिनों में ₹9,356 की कमी ने इसे ₹1,20,074 तक खींच लिया। चांदी 17 अक्टूबर को ₹1,86,000 प्रति किलोग्राम पर चमक रही थी, जो अब ₹1,55,000 पर सिमट गई है—₹31,000 की कुल गिरावट। यह लुढ़काव नौ सप्ताह की तेजी के बाद आया है, जब सोना 10% ऊपर चढ़ा था।

विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक कारकों ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नजरें टिकी हैं, जहां ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हो रही हैं। मजबूत डॉलर ने सोने को महंगा बना दिया, जिससे निवेशक प्रॉफिट बुकिंग में जुट गए। इसके अलावा, स्टॉक मार्केट की बिकवाली ने सुरक्षित निवेश की धारणा को हिला दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्पॉट गोल्ड में 6.3% की गिरावट दर्ज की गई, जो एक दशक की सबसे बड़ी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $2,650 प्रति औंस पर लुढ़का, जबकि चांदी $31 प्रति औंस पर। भारत में आयात शुल्क और वैट के कारण घरेलू कीमतें वैश्विक से 5-7% ऊपर रहती हैं। शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े इस ट्रेंड को और प्रभावित कर सकते हैं। अगर महंगाई नियंत्रण में रही, तो फेड की दर कटौती संभव है, जो सोने के लिए सकारात्मक हो सकती है।

एंजल वन के कमोडिटी विशेषज्ञ अविनाश गोरकसे ने कहा, "यह करेक्शन सामान्य है। दीवाली के बाद बाजार शांत हो जाता है। निवेशकों को ₹1,15,000 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखनी चाहिए। अगर यह टूटा, तो और गिरावट संभव।" वहीं, मोटिलाल ओसवाल के विश्लेषक का अनुमान है कि चांदी ₹1,45,000 तक जा सकती है अगर वैश्विक मांग कमजोर रही।

निवेशकों की रणनीति

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है, जहां सालाना 800 टन से अधिक सोना खपत होता है। यह गिरावट ज्वेलरी निर्यात को बढ़ावा दे सकती है, क्योंकि यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में मांग बनी हुई है। लेकिन घरेलू स्तर पर, छोटे ज्वेलर्स संघर्ष कर रहे हैं। सूरत के एक व्यापारी ने बताया, "हमने स्टॉक ऊंचे दामों पर लिया था, अब नुकसान हो रहा है।"

विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर तक अमेरिकी चुनाव और फेड मीटिंग के बाद स्थिरता आएगी। अगर डॉलर कमजोर हुआ, तो सोना ₹1,25,000 तक वापस लौट सकता है। चांदी, जो औद्योगिक मांग (सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स) पर निर्भर है, वैश्विक रिकवरी से फायदा उठा सकती है।

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