रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्यार और विश्वास का पवित्र त्योहार, 9 अगस्त 2025 को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन मिठाइयों की मिठास रिश्तों को और गहरा बनाती है, लेकिन बाजार में मिलावटी मिठाइयों का खतरा आपकी सेहत और त्योहार की खुशियों को फीका कर सकता है। हर साल त्योहारों के मौसम में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और नकली मावा, घी, और केमिकल युक्त मिठाइयां बेचकर मुनाफा कमाते हैं। ऐसे में आपको बताते है की मिलावटी मिठाइयों से कैसे बचें और असली मिठाई की पहचान कैसे करें।
आपको बता दें की त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण कई दुकानदार सस्ते और हानिकारक पदार्थों का उपयोग करते हैं। स्टार्च, आलू, या डिटर्जेंट से बना नकली मावा। केमिकल रंग रंग जो मिठाइयों को चमकदार बनाते हैं। शुद्ध घी की जगह सस्ता तेल।मावे की मात्रा बढ़ाने के लिए। दूध के बजाय रासायनिक मिश्रण। इन मिलावटी पदार्थों का सेवन करने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, और गंभीर मामलों में लीवर व किडनी को नुकसान हो सकता है।
असली और नकली की पहचान
मिठाई का रंग अगर बहुत चटक या अनैसर्गिक (जैसे कि ज्यादा चमकदार लाल, हरा, या पीला) लगे, तो सावधान हो जाएं। असली मिठाई का रंग हल्का और प्राकृतिक होता है। चमकदार और रंग-बिरंगी मिठाइयों से बचें, क्योंकि इनमें अक्सर गैर-खाद्य रंग मिलाए जाते हैं।
मावे की शुद्धता का टेस्ट
मिठाई का एक छोटा टुकड़ा गर्म पानी में घोलें। अगर घोलने पर झाग बनता है, तो मावे में डिटर्जेंट की मिलावट हो सकती है। मावे के एक टुकड़े पर 2-3 बूंद आयोडीन टिंचर डालें। अगर रंग नीला या काला हो जाता है, तो मावे में स्टार्च की मिलावट है। असली मावा पीला या हल्का भूरा रहेगा।
घी की शुद्धता की जांच
एक चम्मच घी हथेली पर रगड़ें। शुद्ध घी में दूध की तेज सुगंध आती है, जबकि मिलावटी घी में रासायनिक गंध या कोई गंध नहीं होती। एक चम्मच घी को गर्म पानी में डालें। शुद्ध घी पानी में तैरता है, जबकि मिलावटी घी (जैसे कि वनस्पति तेल) नीचे बैठ जाता है। दो चम्मच घी में आधा चम्मच नमक और 2-3 बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं। 20 मिनट बाद अगर घी का रंग लाल या कोई अन्य रंग में बदलता है, तो यह मिलावटी है।
स्वाद और बनावट का टेस्ट
असली मिठाई का स्वाद हल्का मीठा और ताजा होता है। अगर मिठाई में खट्टापन, साबुन जैसा स्वाद, या अजीब सी चिपचिपाहट महसूस हो, तो वह मिलावटी हो सकती है। असली मिठाई (जैसे काजू कतली) में हल्का दानेदार और नरम टेक्सचर होता है। अगर मिठाई बहुत सख्त, स्पंजी, या ज्यादा चिकनी लगे, तो मिलावट की संभावना है। मिठाई का एक छोटा टुकड़ा गैस की धीमी आंच पर जलाएं। अगर जलने पर केरोसिन या प्लास्टिक जैसी गंध आए, तो मिठाई में सिंथेटिक सामग्री हो सकती है। असली मिठाई जलने पर दूध या घी की हल्की सुगंध छोड़ती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। लखनऊ में 53 खाद्य नमूनों की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं, जिनमें मिठाई, मावा, और दूध शामिल हैं। ग्वालियर में भी मावा और मिठाइयों की सैंपलिंग शुरू हो चुकी है, ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके। FSSAI ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि चमकदार और बिना ब्रांड की मिठाइयों से बचें और घरेलू टेस्ट अपनाएं।



