भारतीय क्रिकेट टीम को आखिरकार नया जर्सी स्पॉन्सर मिल गया है। मशहूर टायर निर्माता कंपनी अपोलो टायर्स ने ड्रीम11 की जगह लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ 2027 तक के लिए एक बड़ी स्पॉन्सरशिप डील साइन की है। इस करार के तहत, अपोलो टायर्स भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर अपना नाम प्रदर्शित करेगी और प्रत्येक मैच के लिए बीसीसीआई को लगभग 4.5 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। यह राशि पिछले स्पॉन्सर ड्रीम11 द्वारा दिए जाने वाले 4 करोड़ रुपये प्रति मैच से अधिक है।
यह स्पॉन्सरशिप डील 2025 से 2027 तक चलेगी, जिसमें लगभग 130 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल होंगे। अपोलो टायर्स प्रत्येक द्विपक्षीय (bilateral) मैच के लिए 4.5 करोड़ रुपये और आईसीसी/एसीसी टूर्नामेंट्स में प्रत्येक मैच के लिए 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। कुल मिलाकर, इस डील की कीमत लगभग 579 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ड्रीम11 ने जुलाई 2023 में बीसीसीआई के साथ 358 करोड़ रुपये की डील की थी, लेकिन भारत सरकार के ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन एक्ट 2025 के लागू होने के बाद उसका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो गया।
क्यों बदला गया स्पॉन्सर?
भारत सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 ने रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, जैसे ड्रीम11, पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके परिणामस्वरूप, बीसीसीआई को ड्रीम11 के साथ अपनी साझेदारी खत्म करनी पड़ी। इस वजह से भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें एशिया कप 2025 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में बिना किसी जर्सी स्पॉन्सर के खेल रही थीं।
बीसीसीआई ने 2 सितंबर 2025 को नए जर्सी स्पॉन्सर के लिए रुचि पत्र (Expression of Interest) आमंत्रित किए थे। बोली प्रक्रिया में गेमिंग, बेटिंग, क्रिप्टोकरेंसी, तंबाकू, और अल्कोहल जैसे ब्रांडों को शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया था। इसके अलावा, एथलीजर, स्पोर्ट्सवेयर, बैंकिंग, वित्तीय कंपनियां, और कुछ अन्य श्रेणियों को भी बोली से बाहर रखा गया था।
अपोलो टायर्स की जीत
16 सितंबर 2025 को संपन्न हुई बोली प्रक्रिया में अपोलो टायर्स ने सबसे ऊंची बोली लगाकर यह स्पॉन्सरशिप हासिल की। इस दौड़ में कैनवा और जेके टायर्स जैसे अन्य बड़े ब्रांड भी शामिल थे, लेकिन अपोलो टायर्स ने बाजी मार ली। बीसीसीआई के अनुसार, इस समझौते की आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी।
अपोलो टायर्स, जो पहले से ही खेल जगत में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है, अब भारतीय क्रिकेट के साथ इस साझेदारी से अपनी ब्रांड वैल्यू को और बढ़ाएगी। कंपनी के शेयरों में हाल ही में वृद्धि देखी गई है, और इस डील के बाद इसके शेयरों में और उछाल की उम्मीद है।
बीसीसीआई की रणनीति
बीसीसीआई ने स्पॉन्सरशिप के लिए नए आधार मूल्य निर्धारित किए थे, जिसमें द्विपक्षीय मैचों के लिए 3.5 करोड़ रुपये और आईसीसी/एसीसी टूर्नामेंट्स के लिए 1.5 करोड़ रुपये प्रति मैच शामिल थे। अपोलो टायर्स की बोली इन आधार मूल्यों से काफी अधिक थी, जिससे बीसीसीआई को वित्तीय रूप से बड़ा लाभ होगा।



