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तमिलनाडु में नई सियासी हलचल, BJP छोड़ सकते हैं अन्नामलाई, जानिए 5 बड़ी वजहें

तमिलनाडु में नई सियासी हलचल, BJP छोड़ सकते हैं अन्नामलाई, जानिए 5 बड़ी वजहें

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। अन्नामलाई दिल्ली पहुंचकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं। इसी बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि वह भाजपा से अलग होने का फैसला ले सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अन्नामलाई जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन समर्थकों के पोस्टर और बढ़ती गतिविधियों ने अटकलों को और तेज कर दिया है।

नई पार्टी की अटकलें क्यों?

मदुरै और कोयंबटूर समेत कई इलाकों में अन्नामलाई के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें उनसे तमिलनाडु को नई दिशा देने की अपील की गई है। माना जा रहा है कि 4 जून को अपने जन्मदिन के मौके पर वह कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं। जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कुछ दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी। इसी बयान के बाद नई पार्टी बनाने की चर्चाओं को और बल मिला है।

अन्नामलाई की नाराजगी की 5 वजहें

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अन्नामलाई और भाजपा नेतृत्व के बीच कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। सबसे बड़ा कारण AIADMK के साथ भाजपा का गठबंधन माना जा रहा है, जिसका अन्नामलाई लगातार विरोध करते रहे हैं। दूसरा कारण उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना बताया जा रहा है। तीसरी वजह 2026 विधानसभा चुनाव की रणनीति में उनकी कथित अनदेखी मानी जा रही है। चौथा मुद्दा कुछ नीतिगत मतभेदों का रहा, जिसमें तीन भाषा नीति को लेकर उनकी अलग राय सामने आई थी। वहीं पांचवीं वजह उम्मीदवार चयन, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर शीर्ष नेतृत्व से मतभेद बताए जा रहे हैं।

क्या बदल सकता है तमिलनाडु का समीकरण?

अन्नामलाई पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे थे। उनकी आक्रामक शैली और लगातार जनसंपर्क अभियानों ने उन्हें राज्य की राजनीति में अलग पहचान दिलाई। ऐसे में यदि वह भाजपा से अलग रास्ता चुनते हैं तो इसका असर सिर्फ भाजपा पर ही नहीं बल्कि पूरे तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण पर पड़ सकता है। खासकर विधानसभा चुनाव के बाद बने हालातों में यह घटनाक्रम और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सबकी नजर 4 जून पर

फिलहाल अन्नामलाई की ओर से किसी भी बड़े फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं लगातार तेज हैं। अब सभी की नजर 4 जून पर टिकी है, जब उनके जन्मदिन के मौके पर किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।

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