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अमरनाथ यात्रा 2025: भारी बारिश के कारण एक हफ्ते पहले बंद, 4.1 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अमरनाथ यात्रा 2025: भारी बारिश के कारण एक हफ्ते पहले बंद, 4.1 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अमरनाथ यात्रा 2025 को तय समय से एक हफ्ते पहले 3 अगस्त को स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय भारी बारिश के कारण बालटाल और पहलगाम मार्गों पर हुए नुकसान के चलते लिया गया है। यात्रा 9 अगस्त तक चलने वाली थी, लेकिन खराब मौसम और मार्गों की खराब स्थिति के कारण इसे समय से पहले रोकना पड़ा।

बता दें पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों—बालटाल और पहलगाम—को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहलगाम मार्ग, जो अनंतनाग जिले से शुरू होता है, 36 से 48 किलोमीटर लंबा है और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक माना जाता है। वहीं, बालटाल मार्ग, जो गांदरबल जिले से शुरू होता है, 16 किलोमीटर का है, लेकिन इसकी खड़ी चढ़ाई इसे चुनौतीपूर्ण बनाती है। दोनों मार्गों पर सेना, CRPF, और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ गैर-लाभकारी संगठनों द्वारा भोजन, आवास, और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

इस साल यात्रा के दौरान कई बार मौसम ने बाधा डाली। 16 और 17 जुलाई को भारी बारिश के कारण यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित किया गया था। 30 और 31 जुलाई को भी दोनों मार्गों पर यात्रा रोकी गई थी। 1 अगस्त को बालटाल मार्ग से यात्रा शुरू हुई, लेकिन भारी बारिश के कारण इसे फिर से रोकना पड़ा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बालटाल, पहलगाम, और जम्मू के भगवती नगर आधार शिविरों में ठहरने की सलाह दी है।

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 581 कंपनियां (लगभग 70,000 जवान) केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनात की गई थीं। इसके अलावा, 1 जुलाई से 10 अगस्त तक दोनों मार्गों पर नो-फ्लाइंग जोन लागू किया गया था। हालांकि, इस साल हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा पर निर्भर रहना पड़ा।

कश्मीर के यूटी प्रशासन विजय कुमार बिधूड़ी ने बताया कि भारी बारिश के कारण मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बालटाल मार्ग पर रेलपथरी में 16 जुलाई को हुए भूस्खलन में एक महिला तीर्थयात्री की मृत्यु हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। इसके अलावा, मार्गों पर जलभराव और पथरीले मलबे ने यात्रा को असुरक्षित बना दिया।

इस साल की यात्रा में 4.1 लाख श्रद्धालु ने किए दर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक 3 जुलाई 2025 को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में इस साल 4.1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में हिमलिंग के दर्शन किए। यह संख्या पिछले साल की 5.1 लाख की तुलना में कम है, लेकिन खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 2 जुलाई को पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत की थी। इस दौरान 1,44,124 तीर्थयात्री जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से घाटी के लिए रवाना हुए।

अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व

अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक है। मान्यता है कि भगवान शिव ने इस गुफा में माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। माना जाता है कि इस शिवलिंग के दर्शन से काशी में दर्शन का दस गुना, प्रयाग से सौ गुना, और नैमिषारण्य से हजार गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है।

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