राम मंदिर चंदा विवाद पर अखिलेश का हमला, बोले- बीजेपी के लिए धर्म नहीं धन जरूरी, SIT जांच से बढ़ी हलचल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए धर्म का मतलब सिर्फ धन रह गया है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनावों में पारदर्शिता की कमी रही और अब मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान भी सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब "सीसी" का मतलब "चंदा चोरी" बन गया है। सपा प्रमुख ने कहा कि जिस तरह मामले सामने आ रहे हैं, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता जवाब मांग रही है।
जमीन घोटाले और महंगाई का मुद्दा
अखिलेश यादव ने सरकार पर जमीन अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं में गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर समाजवादी पार्टी ने सरकार को चेताया था कि जमीन घोटाले हो रहे हैं और लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई लोगों की दुकानें और जमीनें छीनी गईं, बुलडोजर कार्रवाई की गई और एयरपोर्ट परियोजनाओं के लिए जमीन देने वालों को उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार में अमीर और ज्यादा अमीर हो रहा है, जबकि गरीबों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने महंगाई को भी बड़ा मुद्दा बताया।
PDA और विपक्षी एकता पर बयान
सपा प्रमुख ने बीजेपी पर विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए "ऑपरेशन लोटस" चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार दूसरे दलों के नेताओं और सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी का मुकाबला करने के लिए मजबूत और बहादुर लोगों की टीम की जरूरत है। उन्होंने अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का नया अर्थ बताते हुए कहा कि इसका मतलब "प्रेम, दया और अपनापन" भी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी धर्मों और संतों का सम्मान करती है और सत्य के रास्ते पर चलने में विश्वास रखती है।
SIT जांच और बृजभूषण का बयान
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर जांच लगातार जारी है। SIT टीम तीसरे दिन भी अयोध्या में जांच कर रही है और अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच में दानपात्र, रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है। इस बीच पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और "बिना धुएं के आग नहीं लगती"। उनके अनुसार, पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि सभी सवालों का जवाब मिल सके। फिलहाल SIT की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
