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महाकुंभ मे स्नान करने के बाद, भूलकर न करें ये काम

महाकुंभ मे स्नान करने के बाद, भूलकर न करें ये काम

आज महाकुंभ मे 16वां दिन पर है। महाकुंभ मे आने वाले भक्तों की संख्या बढती ही जा रही है। देशभर के कोने-कोने से लोग स्नान के लिए आ रहे है। अभी तक संगम के तट पर 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके है। आपको बता दे इस महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से शुरू हुआ था। 45 दिनों तक चलने वाले कुंभ मेले का समापन 26 फरवरी को होगा।

आपको बता दें मकर संक्रांति के दिन महाकुंभ के पहले अमृत स्नान मे उम्मीद से अधिक लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। ये आंकड़ा सभी को हैरान करने वाला था। बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या पर लगभग 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का अनुमान हैं, मौनी अमावस्या के खास मौक पर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुलिस प्रसाशन ने खास व्यवस्था की है। 

29 जनवरी यानि की कल महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान है। लोग अभी से भारी तादाद मे श्रद्धालु पहुचने लगे है। सुबह जल्द ही शाही स्नान शूरू हो जाएगा। इस दिन श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे। स्नान करने के बाद क्या गलतियां करने से इस दिन आपको बचना चाहिए। यादि कोई भी व्यक्ति गलतियां करता है तो वह पुण्य के बजाय पाप का भागी बन सकता है। आइए, जानते हैं

भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • कुंभ मे आने वाली हर एक व्यक्ति को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह ऐसा कोई भी कार्य न करे, जिससे मेले की पवित्रता पर असर पड़े। इस आयोजन का उद्देश्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर ईश्वर की निकटता का अनुभव करना है। 
  • मेले मे शामिल होने वाले लोगों को आत्मसंयम और मानसिक पवित्रता का पालन करना चाहिए। मन में नकारात्मक भावनाएं नहीं होनी चाहिए। चोरी, किसी लाचार व्यक्ति को परेशान न करे, झूठ न बोले, गाली जैसे अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से आध्यात्मिक लाभ नहीं मिलता। मेले के दौरान व्यवस्थाओं का सम्मान करें।
  • संगम तट की पवित्र गंगा मे स्नान के  दौरान शैंपू, साबुन, या डिटर्जेंट का उपयोग न करें, क्योंकि इससे नदी की शुद्धता प्रभावित होती है।

इन बातों का रखे ध्यान

  • संगम के तट पर अमृत स्नान के बाद सबसे पहले आपको भगवान शिव और भगवान विष्णु का स्मरण अवश्य करें। और फिर पितरों के निमित्त तर्पण देना न भूलें। आप डुबकी लगाने के बाद गंगाजल लेकर पितरों को याद करते हुए अर्घ्य दे सकते हैं। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। 
  • स्नान के बाद दान का भी बड़ा महत्व है। तो स्नान करने के बाद दान जरूर करें, स्नान के बाद दान करने से पुण्य और भी अधिक बढ़ जाता है। दान के रूप में आप अन्न दान कर सकते हैं।
  • महाकुंभ मे स्नान करने के बाद आप धार्मिक स्थल पर जरूर जाए। आप किसी धार्मिक स्थल यानि मंदिर के दर्शन करते हैं। जैसे की पास मे ही प्रयागराज के किसी भी सिद्ध मंदिर के दर्शन कर सकते है।

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