असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में बड़ा अपडेट आया है। सिंगापुर पुलिस फोर्स (एसपीएफ) ने जुबीन गर्ग की ऑटोप्सी रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच निष्कर्ष भारत के उच्चायोग को सौंप दिए हैं। यह कदम भारतीय अधिकारियों की मांग पर उठाया गया है, जबकि असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
जुबीन गर्ग, जो 52 वर्ष के थे, 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में डूबने से मौत हो गई थी। वे सिंगापुर में नॉर्थ-ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने गए थे, जहां वे 20 सितंबर को परफॉर्म करने वाले थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, गर्ग सेंट जॉन्स आईलैंड के पास पानी में तैराकी कर रहे थे, जब यह हादसा हुआ। एक वीडियो में उन्हें लाइफ वेस्ट पहनकर पानी में कूदते हुए दिखाया गया है, लेकिन बाद में बिना वेस्ट के फिर कूदने पर वे बेहोश हो गए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मौत का प्रमाण पत्र अस्पताल द्वारा जारी किया गया, जिसमें मौत का कारण डूबना बताया गया है।
सिंगापुर पुलिस ने शुरुआत में फाउल प्ले से इनकार किया था, लेकिन जांच जारी है। उन्होंने जनता से अपील की है कि गर्ग की मौत से जुड़े वीडियो या इमेज शेयर न करें। असम सरकार ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की है और भारत में दूसरी पोस्टमॉर्टम का आदेश दिया है।
जांच में गिरफ्तारियां और आरोप
- श्यामकानु महंता: फेस्टिवल के मुख्य आयोजक, 1 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार।
- सिद्धार्थ शर्मा: जुबीन गर्ग के मैनेजर, दिल्ली से गिरफ्तार।
- शेखर ज्योति गोस्वामी: सह-संगीतकार, 2 अक्टूबर को गिरफ्तार।
- अमृतप्रवा महंता: सह-गायिका, 2 अक्टूबर को गिरफ्तार।
ये सभी 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जांच का आदेश दिया और आरोपियों से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर वे 6 अक्टूबर तक पुलिस के सामने नहीं आए, तो उन्हें ट्रैक किया जाएगा।
परिवार और पुलिस का बयान
जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा गर्ग से सिंगापुर पुलिस ने बात की है। परिवार ने मौत के हालात पर सवाल उठाए हैं। एसआईटी चीफ मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने कहा कि गिरफ्तारियां पूछताछ के बाद की गईं।
कौन थे जुबीन गर्ग
जुबीन गर्ग (जन्म: 18 नवंबर 1972 – मृत्यु: 19 सितंबर 2025) एक बहुमुखी भारतीय कलाकार थे, जो मुख्य रूप से गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता, निर्देशक और कवि के रूप में जाने जाते थे। वे असम के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में से एक थे और असमिया, हिंदी, बंगाली सहित कई भाषाओं में काम किया। उनका असली नाम जुबीन बोरठाकुर था।
जुबीन गर्ग का जन्म मेघालय के तुरा में एक असमिया ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता मोहिनी मोहन बोरठाकुर मजिस्ट्रेट और कवि थे, जबकि मां इली बोरठाकुर गायिका थीं। उनका नाम संगीतकार जुबिन मेहता से प्रेरित था। उन्होंने तमुलपुर हायर सेकेंडरी स्कूल से मैट्रिक और बी. बोरूआ कॉलेज से विज्ञान में स्नातक किया, लेकिन संगीत करियर के लिए पढ़ाई छोड़ दी।
जुबीन ने 1992 में असमिया एल्बम "अनामिका" से डेब्यू किया। 1995 में मुंबई जाकर बॉलीवुड में प्रवेश किया और फिल्मों जैसे "गद्दार", "दिल से", "फिजा", "कांटे" में गाने गाए। 2006 में "गैंगस्टर" फिल्म के "या अली" गाने से उन्हें GIFA में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का पुरस्कार मिला। उन्होंने असमिया और बंगाली फिल्मों में भी संगीत निर्देशन किया और कई पुरस्कार जीते।
जुबीन को असम और बंगाल में रॉकस्टार माना जाता था। 2024 में उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय से डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि मिली। उन्होंने कई भाषाओं में हजारों गाने गाए और संगीत जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 2002 में फैशन डिजाइनर गरिमा सैकिया से शादी की। उनकी बहन जोंगकी बोरठाकुर की 2002 में कार दुर्घटना में मौत हो गई। जुबीन खुद को अधार्मिक मानते थे।



