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भैंस कीचड़ में क्यों लेटती है, गर्मी में शरीर बचाने का है ये गहरा राज, आप भी जानिए

भैंस कीचड़ में क्यों लेटती है, गर्मी में शरीर बचाने का है ये गहरा राज, आप भी जानिए

गर्मी के दिनों में गांवों, खेतों और तालाबों के पास भैंसों को कीचड़ में लेटा देखना आम बात है। कई लोग इसे गंदगी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन भैंस का कीचड़ में लोटना उसकी सेहत से जुड़ा प्राकृतिक व्यवहार है। यह उसके लिए आराम करने का तरीका ही नहीं, बल्कि तेज गर्मी और कीड़ों से बचने का भी उपाय है। भैंस के लिए कीचड़ किसी प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

पसीना कम निकलता है
भैंस के शरीर में इंसानों की तरह पसीना निकालने वाली ग्रंथियां बहुत कम होती हैं। इसलिए तेज धूप और गर्मी में उसका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है। भैंस का रंग भी गहरा काला होता है, जो सूरज की गर्मी ज्यादा सोखता है। ऐसे में शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। जब भैंस पानी या कीचड़ में बैठती है, तो नमी उसके शरीर की गर्मी धीरे-धीरे कम करती है और उसे ठंडक मिलती है।

कीचड़ बनता है प्राकृतिक कूलर
कीचड़ में मौजूद पानी और नमी भैंस के शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। कीचड़ की परत शरीर पर लगने के बाद धीरे-धीरे सूखती है। इस दौरान शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलती रहती है। यही वजह है कि भैंस अक्सर दोपहर की तेज धूप में तालाब, पोखर या गीली मिट्टी के पास चली जाती है। यह तरीका उसके शरीर को हीट स्ट्रोक जैसी परेशानी से बचाने में मदद करता है।

कीड़ों से भी मिलता बचाव
भैंस की मोटी चमड़ी पर मच्छर, मक्खियां, जूं और चिचड़ी जैसे कीड़े परेशान कर सकते हैं। कई कीड़े त्वचा पर बैठकर खून चूसते हैं और बीमारी फैलाने का खतरा भी बढ़ा देते हैं। कीचड़ की परत भैंस की त्वचा पर ढाल की तरह काम करती है। इससे कीड़ों को त्वचा तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कीचड़ सूखने के बाद जब झड़ता है, तो उसके साथ कई छोटे कीड़े और परजीवी भी हट जाते हैं।

त्वचा को राहत देता कीचड़
कीचड़ भैंस की त्वचा को सूखने से भी बचाता है। गर्मियों में तेज धूप से चमड़ी में जलन और खुजली हो सकती है। कीचड़ की नमी त्वचा को ठंडक देती है और जलन कम करने में मदद करती है। कीड़ों के काटने से होने वाली खुजली में भी कुछ राहत मिलती है। यही कारण है कि भैंस बार-बार अपने शरीर पर कीचड़ लगाती है। यह उसके लिए किसी प्राकृतिक स्किन केयर जैसा काम करता है।

प्रकृति का दिया आसान उपाय
भैंस का कीचड़ में लोटना कोई गंदी आदत नहीं है। यह उसके शरीर को गर्मी से बचाने, त्वचा की रक्षा करने और कीड़ों से दूर रखने का प्राकृतिक तरीका है। जानवर अपने आसपास के माहौल के हिसाब से खुद को बचाने के तरीके अपनाते हैं। भैंस के लिए कीचड़ वही काम करता है, जो इंसानों के लिए ठंडी हवा, पंखा या पानी करता है। इसलिए अगली बार भैंस को कीचड़ में देखें, तो समझिए वह अपनी सेहत संभाल रही है।

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