महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मनवत तालुका के यशवाड़ी गांव स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में बन रहे सभा मंडप की छत अचानक गिर गई। हादसे के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। देखते ही देखते लोहे, सीमेंट और मलबे का ढेर लोगों के ऊपर गिर पड़ा। घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनों को तलाशते नजर आए।
मौतों के आंकड़े बदल रहे
हादसे में मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। शुरुआती खबरों में छह लोगों की मौत बताई गई, जबकि कुछ रिपोर्टों में सात श्रद्धालुओं के मारे जाने की बात कही गई है। प्रशासन की ओर से अंतिम और स्पष्ट आंकड़ा अभी जारी नहीं किया गया है। कई लोग घायल हुए हैं और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को एंबुलेंस से परभणी के अस्पतालों में पहुंचाया गया है।
मलबे में दबे लोगों की तलाश
छत गिरने के बाद कई श्रद्धालुओं के मलबे में दबने की आशंका जताई गई। शुरुआती जानकारी में करीब 20 से 25 लोगों के फंसे होने की बात आई, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 30 से 40 तक बताई गई। पुलिस, जिला प्रशासन, दमकल दल और स्थानीय लोग मिलकर बचाव अभियान चला रहे हैं। भारी मलबा हटाने के लिए मशीनें और क्रेन भी लगाई गई हैं। राहत दल हर आवाज पर ध्यान देकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
शनिवार की भीड़ बनी चिंता
शनिवार होने की वजह से हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों से ज्यादा थी। बताया जा रहा है कि मंदिर के गर्भगृह के सामने नया सभा मंडप बनाया जा रहा था। इसी निर्माणाधीन हिस्से की छत या स्लैब अचानक भरभराकर गिर गई। कुछ रिपोर्टों में धार्मिक कार्यक्रम और कीर्तन के दौरान हादसा होने की बात भी सामने आई है। अचानक छत गिरने से लोगों को संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
अस्पतालों में बढ़ाई गई तैयारी
बचाव दल ने मलबे से निकाले गए लोगों को तुरंत अस्पताल भेजना शुरू किया। परभणी जिला सामान्य अस्पताल सहित आसपास के अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल टीमों को अलर्ट किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि गंभीर घायलों को बिना देरी इलाज मिले। घटनास्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुटे हैं और मलबा हटाने में बचाव दल की मदद कर रहे हैं।
जांच के बाद खुलेगा सच
मंत्री मेघना बोरदिकर ने हादसे का संज्ञान लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात की है। उन्होंने राहत सामग्री, क्रेन और जरूरी संसाधन तुरंत भेजने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहा है। प्रशासन पहले फंसे लोगों को निकालने पर ध्यान दे रहा है। बचाव कार्य पूरा होने के बाद छत गिरने की वजह की जांच होगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
