न्यूज प्लास डेस्क। परिवारवाद पर प्रहार कर सत्ता में पहुंचा एनडीए अब खुद परिवारवाद में घिर गया है। सबसे ज्यादा चर्चा में हैं उपेंद्र कुशवाहा के बेटे आनंद प्रकाश कुशवाहा जो बगैर चुनाव लड़े मंत्री बन गए।
पूरे चुनाव प्रचार में एनडीए नेताओं खासकर भाजपा ने परिवारवाद पर राहुल गांधी और तेजस्वी खूब घेरा। प्रधानमंत्री मोदी की शायद ही कोई रैली हो जिसमें उन्होंने परिवारवाद पर प्रहार न किया हो लेकिन तेजस्वी यादव की परिवारवाद पर एनडीए को घेर रहे हैं। उन्होंने एनडीए के खई नेताओं की सूची जारी कर बताया कैसे वहां परिवारवाद पल बढ़ रहा है और परिवारवाद पर टिप्पणी करने वाले नेता अब चुप हैं।
दरअसल कल शपथग्रहण करने वालों में एक युवा जब जींच और शर्ट में मंच पर दिखा तभी से परिवारवाद और यह युवा फिर चर्चा में आ गया। यह युवक और को नहीं केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का बेटा आनंद प्रकाश था। आनंद ने न तो विधानसभा चुनाव लड़ा और न वह एमएलसी हैं फिर भी उनको मंत्री पद की शपथ दिला दी गई। उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी चुनाव लड़ी और जीती हैं, लेकिन अचानक बेटे का नाम आगे कर दिया गया। उपोन्द्र कुशवाहा खुद राज्यसभा सदस्य हैं, उनकी पत्नी विधायक और अब बेटा मंत्री बन गया।
जीतन मांझी उपेन्द्र कुशवाहा से भी एक कदम आगे हैं, उन्होंने भी बेटे संतोष मांझी को मंत्री बनवाया है। उनकी पार्टी को गठबंधन में 6 सीटें मिली थीं, इसमें 5 टिकट उन्होंने अपने परिवार और रिश्तेदारों को दिए। मांझी ने बेटे संतोष, बहू दीपा कुमारी, समधन ज्योति देवी, दामाद प्रफुल्ल मांझी को टिकट दिए और सब जीते। तेजस्वी ने कुछ भाजपा नेताओं के परिवारवाद का भी खुलासा करते हुए एनडीए पर जोरदार हमला बोला है।



