न्यूज प्लस डेस्क, लखनऊ। उप्र में भाजपा के अंदर की लड़ाई कहीं 2027 में पार्टी को डुबो न दे। अभी तक तो छुटभैये नेताओं की सार्वजनिक हो रही थी लेकिन अब मंत्री और विधायक सार्वतनिक रूप से लड़ने लगे हैं।
महोबा में जो कुछ हुआ उसके लिए भाजपा को आत्ममंथन करना पड़ेगा। बैठक के दौरान मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और विधायक ब्रजभूषण सिंह के बीच समस्याओं के लेकर सर्वजनिक रूप से न केवल बहस हुई बल्कि विधायक ने उनका रास्ता रोक लिया। यहां तक कहा गया कि विधायक ने एक तरह से मंत्री को बंधक बना लिया, विधायक का आरोप था कि मंत्री के विभाग से चल रही हर घर जल योजना में ब़ड़े पैमाने पर घपला हो रहा है जिससे आम आदमी परेशान है। यह लड़ाई सार्वजनिक हुई तो विपक्ष ने भी हमला भाजपा और सरकार पर बोला और इसे 2027 के चुनाव में भाजपा की हार का संकेत बताया।
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कानपुर दौरे के दौरान अपना चेहरा दिखाने के लिए भाजपा के बड़े नेता आपस में भिड़ते नजर आए थे। मंच पर भिड़े नेताओं को जनता ने देखा था और खूब चटकारे भी लिए थे। यहां न केवल विधायकों-सांसद-मेयर की लड़ाई सामने आयी बल्कि यह साफ कर दिया कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इससे पहले भी कई मुद्दों पर भाजपा नेता भिड़ते नजर आए हैं।



