बिहार, राजबीर सिंह। बिहार में पहले चरण में तेज मतदान और महिलाओं की लम्बी लाइनें बड़ा संकेत दे रहे हैं। मतदान की स्थिति देखें तो सुबह 9 बजे तक 9.30 फीसदी और 11 बजे तक 27.65 फीसदी वोटिंग हो चुकी है, कई सीटों पर वोटिंग 30 फीसदी से ऊपर हुई। इसका सीधा मतलब है कि पहले चार घंटे में तकरीबन 30 फीसदी वोटिंग हो चुकी है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है पिछली बार से इस बार वोटिंग अधिक होने जा रही है। इसमें भी महिलाओं की साझेदारी अधिक है, लगभग सभी बूथों पर महिलाओं की लाइनें पुरुषों से ज्यादा लम्बी हैं।
बिहार में दरअसल पिछले कई चुनावों से महिलाएं, पुरुषों से अधिक वोट डालती रही हैं, यही कारण रहा है कि दोनों तरफ से महिलाओं को रिझाने की पूरी कोशिश हुई है। एनडीए की तरफ से मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 1.21 करोड़ महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये डाले गए तो मतदान से एक दिन पहले तेजस्वी ने सरकार बनते ही महिलाओं के खाते में 30-30 हजार रुपये डालने का ऐलान कर दिया।
यही नहीं आज के ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में रैली की तो उनको पूरा फोकस महिलाओं पर रहा। उन्होंने छठी मइया के बहाने महिलाओं को प्रणाम किया औऱ कहाकि वह महिलाएं ही हैं जो जंगलराज के बीच में एक दीवार बनकर खड़ी हैं। मतलब उन्होंने एक तीर से दो निशाने साधे, जंगलराज के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की और महिलाओं को उसे रोकने के लिए आह्वान किया।
तमाम सर्वे देखें तो पिछले चुनाव में महिलाओं के ज्यादा वोट नितीश कुमार के साथ रहे थे, इस बार महिलाओं की लाइनें और ज्यादा लम्बी हैं तो इसे 10 हजार और 30 हजार रुपये का ही असर माना जा रहा है।



