पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कई जगहों से धांधली और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि डायमंड हार्बर के फलता क्षेत्र में कई बूथों पर EVM मशीन में उनके चुनाव चिन्ह के आगे टेप लगा दिया गया, जिससे मतदाता वोट नहीं दे सके। इस आरोप के बाद चुनावी माहौल और ज्यादा गरमा गया है।
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि जिन बूथों पर EVM में टेप मिलने की पुष्टि होगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा। अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान कराया जा सकता है। इस फैसले से चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी ने उठाए सवाल
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है और तुरंत कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी ने प्रभावित बूथों की सूची और सबूत भी साझा किए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
टीएमसी का पलटवार
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी पर ही हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय बलों द्वारा महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं और लोगों को डराया जा रहा है। टीएमसी नेताओं ने इसे साजिश बताते हुए कहा कि जनता इसका जवाब चुनाव में देगी।
हिंसा और तनाव के बीच चुनाव
इन घटनाओं के बीच कई इलाकों में झड़प और तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। साफ है कि बंगाल का यह चुनाव सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सियासी टकराव का बड़ा मंच बन गया है, जिसका असर नतीजों पर भी पड़ सकता है।
