लोकसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गरमागरम बहस हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "लोग सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया।
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत भारतीय सेना के शौर्य को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा, "1948 से लेकर अब तक देश की एकता और अखंडता को बचाने में हमारी सेना का अहम योगदान रहा है।" हालांकि, उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हैं, जैसा कि सरकार दावा करती है, तो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में 26 लोगों की जान कैसे चली गई?
उन्होंने आतंकी TRF पर निशाना साधते हुए कहा, "यह संगठन 2019 से सक्रिय है और 2020 से 2025 तक 25 आतंकी हमले कर चुका है। क्या कोई सरकारी एजेंसी ऐसी नहीं थी जो इस बड़े हमले की जानकारी पहले से दे सके?" प्रियंका ने शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी का जिक्र करते हुए भावुक होकर कहा, "उनकी पत्नी ने बताया कि जब हमला हुआ, तब एक भी सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद नहीं था। लोग सरकार के भरोसे गए थे, लेकिन उन्हें अनाथ छोड़ दिया गया।
प्रियंका ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुंबई हमले (26/11) के बाद तत्कालीन गृह मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया था। लेकिन पहलगाम हमले के बाद क्या हुआ? क्या गृह मंत्री अमित शाह या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जिम्मेदारी ली?" उन्होंने यह भी पूछा कि जब सरकार आतंकवाद पर जीत का दावा करती है, तो इतना बड़ा हमला कैसे हो गया? उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, "गृह मंत्री ने मेरी मां सोनिया गांधी के आंसुओं का जिक्र किया। मैं बता दूं, मेरी मां के आंसू तब बहे थे जब मेरे पिता राजीव गांधी को आतंकियों ने शहीद किया था। मैं पहलगाम के पीड़ितों का दर्द समझती हूं, क्योंकि मैंने भी अपना पिता खोया है।"
प्रियंका ने ऑपरेशन सिंदूर के अचानक रुकने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "देश के इतिहास में पहली बार हुआ कि युद्ध रुक गया और इसका ऐलान भारत सरकार या सेना ने नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने किया। यह सरकार की कूटनीतिक विफलता का प्रतीक है।"
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास शरण मांगने के सिवा कोई रास्ता नहीं था। इस पर प्रियंका ने पलटवार किया, "आपने आतंकियों को शरण क्यों दी?" सपा सांसद अखिलेश यादव ने शाह को टोकते हुए कहा, "आका तो पाकिस्तान में है।" इस पर शाह ने जवाब दिया, "क्या आपकी पाकिस्तान से बात होती है?"
राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बात की, लेकिन प्रियंका ने कहा कि वह यह बताने में नाकाम रहे कि पहलगाम हमला कैसे और क्यों हुआ।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी सरकार पर हमला बोला और सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना होगा कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं।
संसद में हंगामा
प्रियंका गांधी ने पहलगाम हमले में मारे गए 25 लोगों के नाम एक-एक करके पढ़े और उन्हें "भारतीय" कहा। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने "भारतीय" शब्द को दोहराया। जवाब में सत्तापक्ष के सांसदों ने "हिंदू-हिंदू" के नारे लगाए, जिस पर प्रियंका ने कहा, "मैं आज भी शिव मंत्र पढ़कर आई हूं। प्रियंका ने सरकार पर सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में रोजाना 5-6 हजार पर्यटक जाते हैं, फिर भी वहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं था। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के कार्यकाल में मणिपुर दंगे, दिल्ली दंगे और पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए पूछा, "इतनी बड़ी घटनाओं के बाद भी वह गृह मंत्री क्यों बने हुए हैं?"



