अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा एक्सरसाइज करने से वजन तेजी से कम हो जाएगा। कई लोग महीनों और सालों तक जिम में पसीना बहाते हैं, लेकिन उसके बावजूद वजन कम नहीं होता। ऐसे में निराशा होना स्वाभाविक है। हालांकि फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि वजन घटाना सिर्फ एक्सरसाइज पर निर्भर नहीं करता। इसके पीछे मेटाबॉलिज्म, खान-पान और रोजमर्रा की आदतों की भी बड़ी भूमिका होती है।
खान-पान पर सबसे ज्यादा ध्यान जरूरी
वजन कम करने का सबसे बड़ा नियम कैलोरी संतुलन माना जाता है। इसका मतलब है कि आप जितनी कैलोरी खर्च करते हैं, उससे कम कैलोरी शरीर में जानी चाहिए। कई लोग जिम के बाद यह सोचकर कुछ भी खा लेते हैं कि मेहनत की भरपाई हो जाएगी। लेकिन तली चीजें, मीठे पेय और जंक फूड आपकी मेहनत को बेअसर कर सकते हैं। बेहतर होगा कि भोजन में प्रोटीन, फाइबर और हरी सब्जियों को शामिल किया जाए।
नींद और तनाव भी बनते हैं वजह
कई बार वजन न घटने की वजह एक्सरसाइज नहीं बल्कि कम नींद और तनाव होता है। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है। वहीं तनाव बढ़ने पर शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो खासकर पेट के आसपास चर्बी जमा करने से जुड़ा माना जाता है। फिटनेस के लिए शरीर को आराम देना भी उतना ही जरूरी है जितना कसरत करना।
एक ही एक्सरसाइज बार-बार करना पड़ सकता है भारी
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक रोज एक ही तरह की कसरत करता है तो शरीर उस पैटर्न का आदी हो सकता है। फिटनेस की भाषा में इसे प्लेटो स्थिति कहा जाता है। ऐसे में एक्सरसाइज रूटीन बदलना जरूरी हो जाता है। कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अलग-अलग तरह की गतिविधियों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।
छोटी आदतें भी डालती हैं असर
वजन कम करने के दौरान लोग कई बार हफ्ते में मिलने वाले चीट डे पर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। इससे पूरा संतुलन बिगड़ सकता है। फिटनेस विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमितता, संतुलित खान-पान और धैर्य लंबे समय में बेहतर परिणाम देते हैं। जल्दबाजी में लिए गए फैसले कई बार उल्टा असर भी कर सकते हैं।
सिर्फ मेहनत नहीं सही तरीका जरूरी
वजन कम करना केवल घंटों जिम में बिताने का नाम नहीं है। सही भोजन, अच्छी नींद, तनाव से दूरी और बदलती एक्सरसाइज तकनीकें भी उतनी ही जरूरी हैं। अगर मेहनत के बाद भी वजन नहीं घट रहा तो तरीका बदलने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि फिट रहने के लिए सिर्फ पसीना नहीं, सही रणनीति भी जरूरी होती है।
