प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 सितंबर को मणिपुर दौरे से पहले, चुराचांदपुर जिले में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। गुरुवार रात को अज्ञात उपद्रवियों ने पीएम के स्वागत के लिए लगाए गए सजावटी ढांचों, बैनरों और पोस्टरों को नष्ट कर दिया। यह घटना चुराचांदपुर के पियर्सनमुन गांव के पास हुई, जो बीएसएफ सुविधा और उस हेलीपैड के करीब है, जहां पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर उतरने वाला है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह दौरा मई 2023 में शुरू हुई मणिपुर की जातीय हिंसा के बाद पीएम का पहला दौरा है।
गुरुवार रात करीब 7:45 बजे, चुराचांदपुर में कुछ लोगों ने सड़क किनारे लगे स्वागत ढांचों को तोड़ दिया और कुछ को आग के हवाले कर दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उपद्रवियों ने पीस ग्राउंड की ओर जाने वाली सड़क पर लगे बैनर और फ्लोरल सजावट को निशाना बनाया, जहां पीएम मोदी एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने वाले हैं। कुछ संगठनों, जैसे कि कंगलेइपाक इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, ने दावा किया कि यह तोड़फोड़ कुकी-ज़ो समुदाय से जुड़े स्वयंसेवकों द्वारा की गई, जो पीएम के दौरे के लिए की गई सजावट से नाराज थे।
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में नागरिकों की आवाजाही पर और सख्ती कर दी। मणिपुर सरकार ने पहले ही चुराचांदपुर में ड्रोन और हथियारों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके अलावा, एक कुकी उग्रवादी समूह द्वारा बनाए गए एक बंकर को भी सुरक्षा बलों ने नष्ट कर दिया।
पीएम मोदी का दौरा और इसका महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा मणिपुर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मई 2023 में मेइतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद उनका पहला दौरा है। इस हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 60,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। पीएम 13 सितंबर को चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी चुराचांदपुर और इंफाल में विस्थापित लोगों से मुलाकात करेंगे और दो अलग-अलग रैलियों को संबोधित करेंगे। मणिपुर के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि यह दौरा राज्य में शांति, सामान्य स्थिति और विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। हालांकि, कुछ स्थानीय संगठनों ने इस दौरे को "बहुत देर से उठाया गया कदम" करार दिया है।
स्थानीय समुदायों की प्रतिक्रिया
कुकी-ज़ो समुदाय ने पीएम के दौरे का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने स्वागत में नृत्य कार्यक्रमों का विरोध किया है। कुकी इनपी मणिपुर और इंफाल हमर विस्थापित समिति ने कहा, "हमारा शोक अभी खत्म नहीं हुआ है, हमारे आंसू अभी सूखे नहीं हैं, हमारे जख्म अभी भरे नहीं हैं। हम खुशी से नृत्य नहीं कर सकते।" दूसरी ओर, मेइतेई समुदाय की एक महिला संगठन, इमागी मेइरा, ने मांग की है कि पीएम राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेइतेई समुदाय की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करें।
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस दौरे को "प्रतीकात्मक" और "दिखावा" करार दिया है। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष केशम मेघचंद्र ने कहा कि यह दौरा शांति और न्याय सुनिश्चित करने के लिए नहीं, बल्कि केवल दिखावे के लिए है। उन्होंने चुराचांदपुर में बैनर और कटआउट नष्ट होने की घटना को लोगों की निराशा का प्रतीक बताया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पीएम के दौरे को देखते हुए इंफाल और चुराचांदपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। लगभग 10,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, और मणिपुर ट्रैफिक कंट्रोल पुलिस ने पीएम के काफिले के रास्ते पर यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं। चुराचांदपुर प्रशासन ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों को रैली स्थल पर न लाने की सलाह दी है। हालांकि, कुछ संगठनों द्वारा बंद का ऐलान और तोड़फोड़ की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कॉर कॉम, मणिपुर स्थित उग्रवादी संगठनों का एक छत्र संगठन, ने पीएम के दौरे के दिन पूर्ण बंद का आह्वान किया है।



