उत्तराखंड बॉर्डर पर बढ़ा तनाव, निहंगों के कूच से मचा हड़कंप, बैरिकेड तोड़ने के बाद सुरक्षा हुई और सख्त, अब आगे क्या ?
कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बाद उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पंजाब से निहंगों के उत्तराखंड कूच के ऐलान के बाद कुल्हाल बॉर्डर समेत राज्य की सभी प्रमुख सीमाओं पर पुलिस तैनात कर दी गई। आने-जाने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया है।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश
हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर पुलिस ने निहंगों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। प्रशासन ने बातचीत के जरिए उन्हें समझाने की कोशिश की। अधिकांश लोग वहीं रुक गए, लेकिन 15 से 20 लोगों का एक समूह बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने लगा। इस दौरान कुछ बैरिकेड्स टूट गए और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की भी सूचना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर सुरक्षा और बढ़ा दी और हालात को नियंत्रण में लिया।
क्या है निहंगों की मांग
निहंगों का कहना है कि उनका मकसद किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं है। उनका कहना है कि वे सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए हेमकुंड साहिब जाना चाहते हैं। इसके साथ ही उनकी मुख्य मांग कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए चार निहंगों की रिहाई है। उनका कहना है कि जब तक उनके साथियों को रिहा कर पंजाब नहीं भेजा जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कर्णप्रयाग विवाद से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। उस घटना में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ, जिसमें चार स्थानीय लोग घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया। नगरासू गुरुद्वारे को लेकर चल रहा विवाद बाद में प्रशासन और पंजाब से आए प्रतिनिधिमंडल की बातचीत से सुलझा लिया गया, लेकिन गिरफ्तारी को लेकर विवाद अभी भी जारी है।
पुलिस ने दिया सख्त संदेश
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने पहले बातचीत के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की। लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल उत्तराखंड की सीमाओं पर सुरक्षा पहले से ज्यादा कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रहेगी। दूसरी ओर निहंग अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि बातचीत से समाधान निकलता है या फिर प्रशासन आगे कोई नया कदम उठाता है।
