उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक आम रिक्शा चालक की जिंदगी उस समय बदल गई जब उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर को चूमते हुए और उनसे अपनी मन की बात साझा करते हुए नजर आया। इस घटना ने न केवल उसे रातोंरात सेलिब्रिटी बना दिया, बल्कि अखिलेश यादव की जनता के बीच लोकप्रियता को भी उजागर किया।
यह घटना रविवार दोपहर को अलीगढ़ में हुई, जब एक रिक्शा चालक अपने रिक्शे पर लगे समाजवादी पार्टी के झंडे पर अखिलेश यादव की तस्वीर को बार-बार चूम रहा था। वीडियो में वह भावुक होकर अखिलेश यादव से अपनी गरीबी और जीवन की कठिनाइयों के बारे में बात करता दिखाई दिया। उसने कहा, "मैंने नहीं सोचा था कि अखिलेश यादव की तस्वीर से बात करते वक्त मेरा वीडियो बन रहा है। उस लम्हे ने मेरी जिंदगी बदल दी। अब सड़क पर चलता हूं, तो अलीगढ़ के लोग मुझे पहचानने लगे हैं।"
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और कुछ ही घंटों में लाखों लोगों ने इसे देखा। लोग इस रिक्शा चालक की सादगी और अखिलेश यादव के प्रति उसके प्रेम से प्रभावित हुए। वीडियो में उसकी भावनाएं इतनी सच्ची थीं कि यह न केवल समाजवादी पार्टी के समर्थकों, बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।
रिक्शा चालक को मिला सम्मान
वीडियो वायरल होने के बाद रिक्शा चालक को स्थानीय लोगों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खूब सराहा। खबरों के मुताबिक, उसे दो दिन तक एक फाइव-स्टार होटल में ठहराया गया और उसे एक नया ई-रिक्शा भी उपहार में दिया गया। इस घटना ने उसे स्थानीय स्तर पर एक सेलिब्रिटी बना दिया। वह कहता है, "अब लोग मुझे सड़क पर रोककर बात करते हैं, मेरे साथ सेल्फी लेते हैं। यह मेरे लिए एक सपने जैसा है।"
यह घटना अखिलेश यादव की गरीबों और आम जनता के बीच गहरी लोकप्रियता को दर्शाती है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह वीडियो इस बात का सबूत है कि अखिलेश यादव का जनता के साथ गहरा जुड़ाव है। एक कार्यकर्ता ने कहा, "अखिलेश जी का गरीबों के प्रति प्रेम और उनकी नीतियां ही हैं जो लोगों के दिलों में जगह बनाती हैं। यह रिक्शा चालक इसका जीता-जागता उदाहरण है।"
हालांकि, कुछ लोग इस घटना को राजनीतिक स्टंट के रूप में भी देख रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए कि क्या यह वीडियो समाजवादी पार्टी की छवि को चमकाने के लिए बनाया गया था। लेकिन रिक्शा चालक की सादगी और उसकी भावनाओं ने इन सवालों को काफी हद तक शांत कर दिया।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे अखिलेश यादव की लोकप्रियता का प्रतीक बताया, तो कुछ ने इसे एक भावनात्मक क्षण के रूप में सराहा। एक यूजर ने लिखा, "यह वीडियो दिखाता है कि सच्चा प्रेम और विश्वास अभी भी जिंदा है।" वहीं, कुछ विपक्षी दलों के समर्थकों ने इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बताया।



