दिल्ली सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास 'शीश महल' के नाम से कुख्यात बंगले को राज्य अतिथि गृह में बदलने की तैयारी कर रही है। यह बंगला, जो भ्रष्टाचार के आरोपों का केंद्र रहा, अब जनता के लिए खुला होगा और इसमें पारंपरिक व्यंजनों की कैंटीन, पार्किंग स्पेस तथा वेटिंग हॉल जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
6 फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइंस स्थित यह बंगला अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान लग्जरी रेनोवेशन के कारण 'शीश महल' के नाम से चर्चा में आया था। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया और आरोप लगाया कि इसकी सजावट पर अनुचित खर्च हुआ, साथ ही पड़ोसी सरकारी संपत्तियों को अवैध रूप से जोड़ा गया। 2022 में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार की सतर्कता विभाग ने इसकी जांच शुरू की, जिसमें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा अनियमितताओं और लागत वृद्धि का मामला उठा। दिसंबर 2024 में दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी जांच शुरू कर दी, जो अभी जारी है।
केजरीवाल के पद छोड़ने के बाद से यह बंगला खाली पड़ा है, लेकिन लगभग 10 सदस्यीय स्टाफ द्वारा इसकी सफाई, रखरखाव और बिजली उपकरणों (जैसे फ्रिज और एसी) का संचालन किया जा रहा है। भाजपा सरकार ने स्पष्ट किया था कि उनका कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं रहेगा, और अब इसे पुन: उपयोग में लाने के लिए कई विकल्प तलाशे गए। फरवरी 2025 में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की योजना को जून तक चार विकल्पों के साथ विस्तार दिया गया, लेकिन अब यह अंतिम चरण में है।
जनता के लिए खुला होगा द्वार
वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, "सरकार बंगला नंबर 6 को राज्य अतिथि गृह के रूप में अंतिम रूप देने के करीब है, जो पूर्व मुख्यमंत्री का आवास था और अब खाली पड़ा है। इसमें फूड आउटलेट, पार्किंग स्पेस और अन्य सुविधाएं होंगी।" यह अतिथि गृह अन्य राज्य भवनों की तर्ज पर काम करेगा, जहां बैठकें, प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए आने वाले अधिकारी और मंत्री रह सकेंगे। कमरों के लिए शुल्क लिया जाएगा, और कैंटीन में पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। खास बात यह है कि यह सुविधा आम जनता के लिए भी खुली रहेगी, जिससे शहरवासी इसका लाभ उठा सकेंगे।
प्रस्ताव में पार्किंग क्षेत्र, वेटिंग हॉल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इससे न केवल बंगले का व्यावहारिक उपयोग होगा, बल्कि विवादित संपत्ति को सार्वजनिक हित में बदलने का संदेश भी जाएगा। दिल्ली में अन्य राज्य भवनों की तरह यहां भी स्टे और भोजन की व्यवस्था होगी, जो यात्रियों और अधिकारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा ने इस योजना का स्वागत किया है, इसे 'शीश महल' विवाद को समाप्त करने की दिशा में कदम बताते हुए। एक भाजपा नेता ने कहा, "यह बंगला अब जनता का होगा, न कि किसी व्यक्तिगत लग्जरी का प्रतीक।" वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने रेनोवेशन को आवश्यक बताया था, लेकिन अब इस पुनर्विकास पर टिप्पणी नहीं की है।
यदि योजना को मंजूरी मिल गई, तो यह दिल्ली सरकार की संपत्ति प्रबंधन नीति का हिस्सा बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि भ्रष्टाचार जांच के बाद संपत्ति की पारदर्शिता भी बढ़ेगी। फिलहाल, सीबीआई जांच के नतीजे आने का इंतजार है, जो इस योजना को प्रभावित कर सकती है।



