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खगड़िया में तेजस्वी यादव की रैली रद्द, RJD समर्थकों में नाराज़गी

खगड़िया में तेजस्वी यादव की रैली रद्द, RJD समर्थकों में नाराज़गी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। विपक्षी महागठबंधन के प्रमुख चेहरे और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की खगड़िया जिले में शनिवार को आयोजित होने वाली जनसभा अचानक रद्द हो गई। जिला प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने की वजह से यह सभा स्थगित करनी पड़ी, जिसे तेजस्वी ने 'तानाशाही का खुला नंगा नाच' करार देते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "ये तानाशाही है और हम इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। जनता अब किसी दबाव में नहीं आएगी।

खगड़िया, जो बिहार के पूर्वी हिस्से में गंगा के किनारे बसा एक महत्वपूर्ण जिला है, हमेशा से ही चुनावी दृष्टि से संवेदनशील रहा है। यहां विधानसभा की दो सीटें—खगड़िया और बेलसरी—हैं, जहां पिछली बार RJD ने मजबूत पकड़ दिखाई थी। तेजस्वी यादव की सभा का आयोजन जिले के परबत्ता क्षेत्र में प्रस्तावित था, जहां हजारों समर्थक जुटने की उम्मीद थी। RJD के अनुसार, यह सभा 'बदलाव की लहर' को मजबूत करने के लिए थी, जिसमें तेजस्वी बेरोजगारी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की उपेक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों पर NDA सरकार को घेरने वाले थे।

लेकिन शुक्रवार शाम को जिला प्रशासन ने RJD को सूचित किया कि अनुमति नहीं दी जा सकती। आधिकारिक तौर पर कारण बताया गया—केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का शनिवार को खगड़िया दौरा। शाह की रैली के लिए हेलिकॉप्टर लैंडिंग की व्यवस्था करनी है, जिसके चलते आसपास के क्षेत्रों में कोई अन्य कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जा सकती। दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन शाह की रैली के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर सभाओं की अनुमति आसानी से मंजूर कर ली गई। RJD नेताओं ने इसे 'दोहरी नीति' का नाम देते हुए कहा कि यह विपक्ष को दबाने की साजिश है।

तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, "भाजपा और प्रशासन को जनता की भीड़ से डर लग रहा है। वे जानते हैं कि सच्चाई का साथ देने वाले लाखों युवा सड़कों पर उतर आएंगे। लेकिन बिहार की जनता अब जाग चुकी है। हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।" उनके इस बयान ने विपक्षी दलों में आक्रोश की लहर पैदा कर दी। कांग्रेस और वामपंथी दलों ने भी इसे लोकतंत्र विरोधी कदम बताया।

चुनावी जंग में NDA का दबाव?

बिहार चुनाव 2025 की तारीखें घोषित होने के बाद से ही सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 10 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है, जिसमें खगड़िया समेत कई संवेदनशील जिले शामिल हैं। NDA गठबंधन—जिसमें BJP, JDU और LJP (रामविलास) प्रमुख हैं—ने 'विकास और स्थिरता' का नारा बुलंद किया है, जबकि महागठबंधन 'न्याय और रोजगार' पर जोर दे रहा है। तेजस्वी, जो खुद मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, ने हाल के दिनों में पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसी जगहों पर भव्य सभाएं की हैं, जहां युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिला।

अमित शाह का खगड़िया दौरा NDA की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। शाह यहां न केवल BJP प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे, बल्कि JDU के साथ गठबंधन को मजबूत करने का संदेश भी देंगे। पिछले चुनावों में खगड़िया में RJD का वोट शेयर 35% से अधिक था, जो NDA के लिए चुनौती है। RJD का आरोप है कि प्रशासनिक दबाव के जरिए विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है। इसी कड़ी में, स्वतंत्र उम्मीदवार पप्पू यादव को आयकर विभाग से नोटिस मिला, जिसमें बाढ़ पीड़ितों को राहत वितरण के नाम पर कथित अनियमितताओं का जिक्र है। पप्पू ने इसे 'राजनीतिक साजिश' बताया।

विपक्षी नेता ललन सिंह ने कहा, "यह पहली बार नहीं है। 2020 के चुनावों में भी ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन जनता ने जवाब दिया।" वहीं, BJP प्रवक्ता ने खारिज करते हुए कहा, "सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अनुमति नियमों का पालन किया जाता है। RJD आरोप लगाकर जनता को भ्रमित कर रही है।"

जनता की प्रतिक्रिया

खगड़िया में सभा रद्द होने की खबर फैलते ही RJD कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। परबत्ता ब्लॉक में सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए, जहां 'तानाशाही हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' के नारे लगे। स्थानीय RJD विधायक ने बताया कि पार्टी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजस्वी का संदेश प्रसारित करेगी। युवा कार्यकर्ता अजय कुमार ने कहा, "हमारा नेता दबेगा नहीं। यह घटना उल्टी NDA के खिलाफ जाएगी।"

इस बीच, अमित शाह की सभा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। खगड़िया एसपी ने कहा, "सभी कार्यक्रमों के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है। कोई राजनीतिक दबाव नहीं है।" लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह बहाना मात्र है।

चुनावी समीकरण पर असर?

यह घटना बिहार चुनाव के समीकरण को प्रभावित कर सकती है। सर्वे रिपोर्ट्स के अनुसार, महागठबंधन पूर्वी बिहार में मजबूत दिख रहा है, जहां तेजस्वी की लोकप्रियता चरम पर है। उनकी 'माईं-बेटी बचाओ' जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आकर्षित किया है। वहीं, NDA पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के आरोप लग रहे हैं। तेजस्वी ने हाल ही में PM मोदी और अमित शाह के बयानों पर पलटवार किया, कहते हुए कि "विकास गुजरात में हो रहा है, वोट बिहार से ले रहे हैं।"

प्रशांत किशोर ने मोतिहारी में कहा, "यह अकेले किसी की लड़ाई नहीं, बिहार की सियासत बदलने का समय है।" चिराग पासवान ने दावा किया कि NDA 200 सीटें पार करेगा।

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