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स्वामी का सनातन पर हमला, फिर बहके मौर्य

स्वामी का सनातन पर हमला, फिर बहके मौर्य

न्यूजप्लस डेस्क। कभी भाजपा में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर सनातन धर्म पर हमलावर हो गए हैं। इस बार उनके निशाने पर हिन्दुओं के भगवान और भाजपा के साथ बागेश्वर धाम के महंत आए हैं। मौर्य ने 2022 में ऐनमौके पर भाजपा छोड़ी और फिर सपा की गोद में बैठ गए लेकिन सपा भी उन्हें रास नहीं आई तो अपना नया दल बना लिया। इस दल ने तीसरा मौर्चा बनाकर बिहार में विधानसभा चुनाव लड़कर पहली चुनावी ताल ठोंकी है पर उसका अपना कितना वोट बैंक रहा है, तो उसे बिहार के रिजल्ट मात्र 0.04 फीसद बता रहे हैं। मौर्य, धम्भ कितना भरे पर वास्तव में कुशवाह, मुराव, कोइरी और काछी में उनसे भी बड़े नेताओं का वजूद माना जाता है। इसकी असली अग्नि परीक्षा तो यूपी के 2027 चुनाव में होगी।
स्वामी मायावती के साथ बसपा में रहते हुए भी बड़बोले रहे हैं पर अब वे क्या बोल जाएं , कोई नहीं जानता है। बांदा में जनहित हुंकार यात्रा के दौरान खूब बोले और भाजपा को निशाने पर लिया। बांदा में कहा कि सनातन में चार और दस हाथ बाले देवी-देवता हैं। धीरेन्द्र शास्त्री देश बाट रहे हैं पर उन्हें सिक्योरिटी दी जा रही है। कांशीराम को जन-जन तक पहुंचाना है। केन्द्र की नीतियों के युवा बेरोजगार है। मोदी सपने भर दिखा रहे हैं, काम ढेले भर का नहीं कर रहे हैं। भाजपा जबसे सत्तासीन हुई है तबसे शिक्षा और संविधान खत्म किया जा रहा है। मनुवाद हावी हो गया है। मौर्य बातें तो जातिवाद को बढ़ाने वाली कर रहे हैं पर 2027 में पलटी मार जाएं तो किसी को अचरज नहीं हो सकता है क्योंकि उन्हें सत्ता की भूख है। बसपा को छोड़ने के बाद उनकी कदमताल में यही सामने आया है। आगे क्या होगा, यह वही जानें?

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