न्यूजप्लस डेस्क। राजेश द्विवेदी
बिहार चुनाव में कांग्रेस की खासी दुर्गति हुई है। चुनाव परिणामों में कांग्रेस का स्ट्रइक रेट मात्र दस फीसद रहा। कांग्रेस की यह दुर्गति यूपी में सपा के लिए मुश्किलें पैदा करने लगी है। 2027 में यूपी में भी एनडीए से ही इंडिया ब्लाक का आमना-सामना होना है। ऐसे में सपा ने अभी से आंखें तरेरनी शुरू कर दीं हैं। सपा ने तय कर लिया है कि यूपी में 403 सीटों में कांग्रेस को सिर्फ 50-55 सीटें ही दी जाएंगी। आठ सीटें पल्लवी पटेल को दी जाएंगी जबकि 340 सीटों पर सपा खुद चुनाव लडे़गी।
जानकार तो कह रहे हैं कि कांग्रेस यूपी में सभी 75 जिलों में एक से दो सीटों पर लड़ने की दावेदारी कर रही है पर सपा के फैसले ने कांग्रेस के मंसूबे पर पानी फेर दिया है। भले ही सपा के नेता कह रहे हैं कि कमजोर दोस्त को नहीं छोडे़ंगे लेकिन सपा के अबु आजमी ने कांग्रेस को घमंडी पार्टी बताकर आग में घी डाल दिया है। कहा जा रहा है कि यूपी में इंडिया ब्लाक यानी महागठबंधन पर संकट आ गया। हालांकि सपा ने अभी से पीडीए के फार्मूले पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही सहयोगियों को साध भी रही है पर उसने सहयोगियों को संदेश दे दिया है कि यूपी में वह अग्रज की ही भूमिका में होगी क्योंकि सपा का मानना है कि कांग्रेस , इंडिया अलाइंस की सबसे कमजोर कड़ी हो गई है। सपा के तेवर से साफ है कि वह 340-350 के आसपास का टारगेट लेकर मैदान में कूद चुकी है। वैसे, सपा प्रवक्ता अतुल यादव और कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह का कहना है कि मिशन 2027 में इंडिया अलाइंस मिलकर चुनाव लड़ेगा और भाजपा को उखाड़ फेंकेगा। सूत्र तो यह भी कहते हैं कि अबु आजमी ने कांग्रेस को घमंडी बताकर दबाब की राजनीति का संदेश दे दिया है।
कांग्रेस का यूपी में वजूद
बिहार परिणामों के बाद सपा ने यूपी में कांग्रेस को यह अहसास कराने की कोशिश की है कि उसका कंधा मजबूत है पर मिलकर कदमताल करना है तो झुकना भी सीखना होगा। सपा के इस बौद्धिक के पीछे कहा जा रहा है कि कांग्रेस का यूपी में अपने न्यूनतम वोटबैंक पर टिक जाना है। 2022 में कांग्रेस 399 सीटों पर लड़ी पर फरेंदा से वीरेन्द्र चौधरी और रामपुर खास से आराधना मिश्रा के रुप में ही जीत सकीं। चार सीटों पर 2 नंबर पर रही। कुल वोट प्रतिशत 2.33 ही रहा। पूर्व के चुनावों पर वोट बैंक पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि कांग्रेस का मत प्रतिशत यूपी में 2002 में 8.96 %(25 सीटें ), 2007 में 8.61 %(22सीटें ), 2012 में 11.63 %(28 सीटें ) , 2017 में 6.25 %(7 सीटें ) , 2025 में 2.33 %(सीटें 2) रहा।
बहरहाल, बिहार रिजल्ट से यूपी में इंडिया ब्लाक में कशमकश का दौर शुरू हो गया है। लोकसभा चुनाव में परिणाम भले ही बेहतर रहे हों पर इस बार यूपी विधानसभा चुनाव की तासीर अलग होगी। कोई चूक , गफलत न कर दें इसलिए सपा ने फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाना भी शुरू कर दिया है।



