शान मसूद की कप्तानी में पाकिस्तान को एक और टेस्ट हार का सामना करना पड़ा है। बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेले गए पहले टेस्ट में पाकिस्तान 104 रन से हार गया। इस हार के बाद पाकिस्तान टीम की कप्तानी और प्रदर्शन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। खास बात यह रही कि टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने ही कप्तान पर तीखा हमला बोल दिया। उन्होंने शान मसूद को “अच्छा आदमी” बताते हुए कहा कि सिर्फ अच्छा इंसान होना काफी नहीं है, कप्तान को मैदान पर फैसले भी लेने आते होने चाहिए।
शोएब अख्तर ने क्या कहा
शोएब अख्तर ने बयान देते हुए कहा कि शान मसूद को कप्तान इसलिए बनाया गया क्योंकि वह अच्छे इंसान हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मैदान पर उनका प्रदर्शन और कप्तानी किसी काम की नजर नहीं आती। अख्तर के मुताबिक कप्तान के तौर पर मसूद को समझ ही नहीं आता कि मैच में क्या करना है। उन्होंने कहा कि टीम लगातार हार रही है, लेकिन कप्तानी में कोई बदलाव या आक्रामक सोच दिखाई नहीं देती। पाकिस्तान क्रिकेट में यह बयान अब काफी चर्चा में है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बहस तेज हो गई है।
11 टेस्ट हार चुके हैं मसूद
शान मसूद ने साल 2023 में पाकिस्तान टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। तब से अब तक उन्होंने 15 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है, जिनमें पाकिस्तान को 11 मुकाबलों में हार मिली है। ढाका टेस्ट की हार उनके कप्तानी करियर की 11वीं हार रही। लगातार खराब रिकॉर्ड के चलते पाकिस्तान टीम की रणनीति और कप्तानी पर सवाल उठ रहे हैं। टीम के प्रदर्शन में सुधार न होने से फैंस भी निराश दिखाई दे रहे हैं। पाकिस्तान की टेस्ट टीम पिछले कुछ समय से लगातार आलोचनाओं का सामना कर रही है।
रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रहे शान मसूद
अगर हार का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो शान मसूद पाकिस्तान के सबसे ज्यादा टेस्ट हारने वाले कप्तानों में ऊपर पहुंच सकते हैं। पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा 19 टेस्ट हारने का रिकॉर्ड मिस्बाह उल हक के नाम है। उन्होंने 56 टेस्ट में कप्तानी करते हुए यह रिकॉर्ड बनाया था। वहीं दूसरे नंबर पर इंजमाम उल हक हैं, जिन्होंने 31 टेस्ट में 11 मुकाबले गंवाए थे। शान मसूद ने सिर्फ 15 टेस्ट में ही 11 हार झेल ली हैं, जिससे उनकी कप्तानी पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
बांग्लादेश से हार ने बढ़ाई मुश्किल
ढाका टेस्ट में पाकिस्तान की हार ने टीम की कमजोरियों को फिर उजागर कर दिया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम संघर्ष करती नजर आई। बांग्लादेश ने मैच पर मजबूत पकड़ बनाए रखी और पाकिस्तान को वापसी का मौका नहीं दिया। इस हार के बाद पाकिस्तान टीम प्रबंधन और कप्तानी को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फैंस और पूर्व खिलाड़ी लगातार टीम में बदलाव की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भी अब दबाव बढ़ सकता है।
आगे और मुश्किल हो सकती है राह
पाकिस्तान और बांग्लादेश की टेस्ट सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले मुकाबले शान मसूद के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर पाकिस्तान अगला टेस्ट भी हारता है तो कप्तानी को लेकर सवाल और तेज हो सकते हैं। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण टीम का मनोबल भी प्रभावित होता दिख रहा है। अब देखना होगा कि पाकिस्तान टीम अगले मुकाबले में वापसी कर पाती है या फिर आलोचनाओं का दौर और तेज हो जाता है।
