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राहुल गांधी के काफिले में सुरक्षा चूक, फतेहपुर बॉर्डर पर एस्कॉर्ट गाड़ी अचानक हुई खराब

राहुल गांधी के काफिले में सुरक्षा चूक, फतेहपुर बॉर्डर पर एस्कॉर्ट गाड़ी अचानक हुई खराब

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक सामने आई है। रायबरेली जिले के चर्चित दलित युवक हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड की जांच के सिलसिले में फतेहपुर पहुंचे राहुल गांधी के काफिले के साथ यात्रा कर रही एस्कॉर्ट गाड़ी अचानक फतेहपुर बॉर्डर पर खराब हो गई। इस घटना ने न केवल काफिले की गति प्रभावित की, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, फिर भी इस तरह की तकनीकी खराबी ने विपक्षी दलों के बीच बहस छेड़ दी है।

राहुल गांधी गुरुवार सुबह रायबरेली से फतेहपुर के लिए रवाना हुए थे। उनका उद्देश्य हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देना और घटना की पूरी जानकारी लेना था। हरिओम की हत्या ने पूरे देश में दलितों पर अत्याचार के मुद्दे को फिर से गरमा दिया है, और राहुल गांधी ने इसे लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है। काफिला फतेहपुर बॉर्डर पर पहुंचते ही लगभग 20 मिनट के लिए रुक गया, जब एस्कॉर्ट वाहन की इंजन फेलियर हो गई।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गाड़ी की ब्रेक सिस्टम में खराबी आई, जिसके कारण इसे तुरंत साइड में खींचना पड़ा। इस दौरान काफिले के अन्य वाहनों को रोकना पड़ा, और राहुल गांधी की एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) टीम ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की। फतेहपुर के एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया, "राहुल गांधी को जेड प्लस सुरक्षा है, इसलिए हमने बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की थी। खराबी को तुरंत ठीक किया गया, लेकिन यह एक अप्रत्याशित घटना थी।" जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया था, जिसमें स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ के जवान भी शामिल थे।

परिवार का इनकार

फतेहपुर पहुंचने से पहले ही विवादास्पद मोड़ आ गया। हरिओम के छोटे भाई शिवम वाल्मीकि ने स्पष्ट इनकार कर दिया कि वे राहुल गांधी या किसी राजनीतिक नेता से मिलेंगे। शिवम ने कहा, "हम सरकार से संतुष्ट हैं। राजनीति करने न आएं।" परिवार का यह रुख राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक रंग दे रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह बीजेपी का सुनियोजित प्रयास है, जबकि प्रशासन इसे परिवार की निजी इच्छा बता रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, "पूरे देश में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। सीएम से अपील है कि न्याय दें, अपराधियों पर कार्रवाई करें।" उनका यह बयान हत्याकांड के बाद उठे सवालों को और तेज कर रहा है, जहां हरिओम को कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला था।

सुरक्षा में चूक, बार-बार उठते सवाल

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। हाल के वर्षों में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में काफिले को रोका जाना या भीड़ अनियंत्रित होना शामिल है। सीआरपीएफ ने पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि राहुल गांधी द्वारा प्रोटोकॉल का उल्लंघन (जैसे बिना सूचना विदेश यात्रा) सुरक्षा को कमजोर कर रहा है। 2020 से अब तक 113 बार ऐसे उल्लंघन दर्ज किए गए हैं।

विपक्षी दल इसे केंद्र सरकार की नाकामी बता रहे हैं। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा, "जेड प्लस सुरक्षा के बावजूद एस्कॉर्ट गाड़ी की खराबी अस्वीकार्य है। क्या यही है मोदी सरकार की प्राथमिकता?" वहीं, बीजेपी ने इसे 'ड्रामा' करार दिया है।

फतेहपुर पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसमें एस्कॉर्ट गाड़ी के रखरखाव पर फोकस है। राहुल गांधी का दौरा दोपहर तक निर्धारित था, लेकिन परिवार के इनकार के बाद वे स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिले। प्रशासन ने बॉर्डर पर फ्लैग मार्च किया और ड्रोन से निगरानी बढ़ाई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जरूरत बताती हैं।

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