बिहार वालों.. बिहार में काबा, आ रहे हैं बाबा…पटना पहुंचने से पहले पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने यह ऐलान बागेश्वर धाम में किया। एक वीडियो जारी कर उन्होंने कहा बिहार वालों हम आ रहे हैं। पटना के गांधी मैदान में सनातन महाकुंभ का योजन सनातन महाकुंभ में जगदगुरु रामभद्राचार्य, शंकराचार्य, मठाधीस और सैकड़ों साधु-संत शिरकत कर रहे हैं। आयोजन को सीधा बिहार चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि इसका आयोजन पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे और उनके समर्थक भाजपाई कर रहे हैं।
परशुराम जन्म महोत्सव के बहाने सनातन महाकुंभ का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब बिहार में चुनावी तपिश चरम पर है। वह बिहार जहां की राजनीति जातियों में बंटी है। लालू यादव हों या नितीश, चिराग पासवान हों या मांझी सभी अपनी-अपनी जातियों के वोटों की राजनीति करते हैं। जातियों में बंटी बिहार की राजनीति में भाजपा कभी अपने बूते पर खड़ी नहीं हो पायी…यही कारण है काफी मजबूत स्थिति में पहुंचने के बाद भी नितीश के सहारे ही चुनाव मैदान में है।
प्रधानमंत्री मोदी से लेकर पूरी भाजपा बिहार में पूरा दम लगा रही है फिर भी वह जानता है कि यहां हावी जातीय रातनीति पर तभी फतह मिल सकती है जब इन जातियों को सनातन के नाम पर एक किया जाए, शायद तभी उसका हिन्दू-मुस्लिम कार्ड सफल हो पाएगा। सनातन महाकुंभ के मंच पर देश भर से वह तमाम हिन्दू धर्म गुरुओं को बुलाय़ा गया जो हर मौके पर एक ही बात कहते हैं, जातियों में बंटने के बजाय सभी सनातनी इकट्ठे हों और खुद का आसतित्व बचाएं।
उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के…बंटोगे तो कटोगे..के नारे के बाद बागेश्वर धाम से हिन्दुओं को एक करने की मुहिम का जिम्मा पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने लिया है। वह हर मौके पर सभी हिन्दू जातियों को एक करने का संकल्प लेते हैं..शायद इसीलिए सनातन महाकुंभ की अगुवाई उनको दी गई है। सनातन महाकुंभ.. विशाखा शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु श्रीस्वरूपानंद सरस्वती और जगतगुरु रामभद्राचार्य की अध्यक्षता में होगा जिसमें पुंडरीक जी महाराज, महामंडलेश्वर अरुण वधूत गिरी, महामंडलेश्वर कैलाशनंद गिरी जी और महामंडलेश्वर यतीन्द्र गिरी जी मौजूद रहेंगे।
महाकुंभ के उद्घाटन के लिए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां और हिमाचल के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला को आमंत्रित किया गया तो दिग्गज भाजपा नेताओं नितिन गडकरी को भी बुलाया गया। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। कहने को तो पं. धीरेन्द्र शास्त्री से लेकर सभी धर्मगुरु और इसके आयोजक खुद आश्वनी चौबे यह कह रहे हैं कि यह हिन्दू संक्कृति और हिन्दू एकता को बंटने से बचाने के लिए है..वह कहते हैं सनातनियों को यह बताने के लिए आयोजन है कि अब एक हो जाओ, लेकिन आयोजन एक भाजपा नेता की तरफ से हो और वह भी ऐन चुनाव के मौके पर तो कोई समझ सकता है इसके पीछे का मकसद क्या है।



