logo

BREAKING NEWS
33 गेंदों में तूफान, रजत ने तोड़ा वैभव का रिकॉर्ड, अब आरसीबी के सामने इतिहास बदलने का मौका

33 गेंदों में तूफान, रजत ने तोड़ा वैभव का रिकॉर्ड, अब आरसीबी के सामने इतिहास बदलने का मौका

आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में आरसीबी ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखा दी। गुजरात के खिलाफ मुकाबले में टीम मुश्किल स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन कप्तान रजत पाटीदार ने मैदान पर आते ही पूरा मैच बदल दिया। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी ने गुजरात की उम्मीदों को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।

एक भी गेंद नहीं गई खाली
रजत पाटीदार की इस पारी की सबसे खास बात सिर्फ रन नहीं बल्कि उनकी निरंतर आक्रामकता रही। उन्होंने अपनी 33 गेंदों की पारी में लगभग हर गेंद पर रन बटोरे। नौ छक्के और पांच चौकों से सजी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। यही वजह रही कि उनकी यह पारी अब आईपीएल इतिहास की सबसे चर्चित प्लेऑफ पारियों में शामिल हो गई है।

वैभव का रिकॉर्ड भी टूटा
इस शानदार पारी के साथ रजत पाटीदार ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बड़ा रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। वैभव ने इस सीजन बेहद तेज रफ्तार से शतक बनाकर सभी को चौंकाया था, लेकिन रजत ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से 90 से ज्यादा रन वाली सबसे तेज पारी का नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी बल्लेबाजी गति ने सभी को हैरान कर दिया।

कप्तानी में भी रचा इतिहास
रजत सिर्फ बल्ले से ही नहीं बल्कि कप्तानी में भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। पिछले सीजन उन्होंने पहली बार कप्तान बनते ही आरसीबी को उसका पहला खिताब दिलाया था। अब लगातार दूसरे सीजन टीम को फाइनल तक पहुंचाकर उन्होंने नया इतिहास बना दिया है। बेंगलुरु के इतिहास में पहली बार कोई कप्तान लगातार दो फाइनल तक टीम को लेकर पहुंचा है।

अब सामने बड़ी उपलब्धि
रजत पाटीदार अब उस खास सूची के बेहद करीब पहुंच चुके हैं जहां सिर्फ चुनिंदा कप्तानों का नाम दर्ज है। अगर इस बार भी बेंगलुरु खिताब जीतने में सफल रहती है तो वह लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले कप्तानों की खास सूची में शामिल हो जाएंगे। अब तक सिर्फ कुछ बड़े नाम ही ऐसा कर पाए हैं।

फाइनल पर टिकी नजरें
अब सभी की नजर आईपीएल फाइनल पर टिक गई है। बेंगलुरु लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतने की दहलीज पर खड़ी है और टीम के सबसे बड़े नायक इस समय रजत पाटीदार बने हुए हैं। अगर फाइनल में भी उनका बल्ला चला तो यह सीजन आरसीबी और उसके कप्तान के लिए हमेशा यादगार बन सकता है।

Leave Your Comment