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राहुल गांधी का तीखा प्रहार: 'चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा', Gen Z के साथ खड़े होने का ऐलान

राहुल गांधी का तीखा प्रहार: 'चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा', Gen Z के साथ खड़े होने का ऐलान

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर 'वोट चोरी' के गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट की गई एक वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ ऐसे भी हुई वोट चोरी! चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा, चोरों को बचाता रहा।" इस बयान के साथ राहुल ने युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने का आह्वान किया है।

राहुल गांधी का यह बयान कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कथित वोटर लिस्ट में हेराफेरी के आरोपों के बीच आया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार भाजपा के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। "मैं ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इतने सीधे आरोप क्यों लगा रहा हूं? क्योंकि कर्नाटक में इस मामले की जांच चल रही है और CID ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं," राहुल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा।

राहुल के दावे

राहुल गांधी ने 37 सेकंड की एक वीडियो क्लिप शेयर की, जिसमें कथित तौर पर दिखाया गया है कि कैसे सुबह के अंधेरे में वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने इसे 'वोट चोरी फैक्ट्री' करार दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में 31 मिनट की प्रस्तुति के दौरान राहुल ने पुख्ता सबूत पेश करने का दावा किया।

  • कर्नाटक का मामला: 2023 विधानसभा चुनाव से पहले आलंद निर्वाचन क्षेत्र में 6,018 से अधिक वोटरों के नाम कथित रूप से हटाए गए। राहुल ने कहा कि यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। कर्नाटक CID ने इसकी जांच की है, लेकिन चुनाव आयोग ने सहयोग नहीं किया।
  • महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी: राहुल ने आरोप लगाया कि यहां भी गरीब और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम मिटाए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को "संस्थागत चोरी" बताया, जिसका मकसद गरीबों का मताधिकार छीनना है।
  • बेंगलुरु सेंट्रल का उदाहरण: एक ही पते से 80 मतदाता पंजीकृत होने का दावा करते हुए राहुल ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलकर चोरी की है।

राहुल ने कहा, "यह देश के युवाओं को दिखाने का मील का पत्थर है कि चुनावों में कैसे धांधली हो रही है। मैं 100% सबूतों के साथ बोल रहा हूं।" उन्होंने चेतावनी दी कि "समय आ रहा है, हम आपको पकड़ेंगे और आप बच नहीं पाएंगे।"

Gen Z को संविधान बचाने का आह्वान

इस हमले के साथ राहुल ने युवाओं को सीधा संदेश दिया। X पर एक और पोस्ट में उन्होंने लिखा, "देश के युवा, देश के छात्र, देश की Gen Z – संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। मैं उनके साथ हमेशा खड़ा हूं।" यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां #VoteChoriFactory ट्रेंड कर रहा है।

राहुल का यह 'नेपाल प्लान' जैसा लगने वाला अपील – जहां युवाओं से लोकतंत्र बचाने की डिमांड की गई – ने बीजेपी में हंगामा मचा दिया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया, "राहुल देश को गृह युद्ध में फंसाना चाहते हैं।" वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तंज कसते हुए कहा, "राहुल जी, आप देश छोड़ने की तैयारी करो, Gen Z आ रहा है।" गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस पर फेक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया।

चुनाव आयोग का बचाव और कोर्ट की सलाह

चुनाव आयोग ने राहुल के आरोपों का सीधा जवाब देते हुए कहा कि वोट ऑनलाइन डिलीट नहीं हो सकते। आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया, "राहुल गांधी का PPT में दिखाया डेटा हमारा नहीं है। अगर आरोप हैं तो हलफनामा दें या कोर्ट जाएं।" कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी कहा कि आलंद मामले में सारी जानकारी पुलिस के साथ साझा की जा चुकी है।

राहुल ने आयोग के इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे डिजिटल वोटर रोल और CCTV फुटेज देने से इनकार कर रहे हैं। यह विवाद अब कोर्ट तक पहुंच सकता है, जहां कांग्रेस सबूत पेश करने की तैयारी में है।

वोट चोरी का सिलसिला

यह पहली बार नहीं है जब राहुल ने ऐसे आरोप लगाए। अगस्त 2025 में उन्होंने मध्य प्रदेश, लोकसभा और महाराष्ट्र चुनावों में शक जताया था। जुलाई में SIR प्रक्रिया पर हमला बोला गया था। राहुल का कहना है कि 2018 मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सत्ता कैसे छीनी गई, यह वोट चोरी का सबूत है।

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