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राहुल गांधी बोले- 'वोट चोरी' से जुड़ी बेरोजगारी, युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा

राहुल गांधी बोले- 'वोट चोरी' से जुड़ी बेरोजगारी, युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देश में युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है, जो सीधे तौर पर 'वोट चोरी' से जुड़ी हुई है। कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि जब तक चुनाव 'चोरी' होते रहेंगे, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ते रहेंगे। युवा अब न 'नौकरी की चोरी' बर्दाश्त करेंगे, न 'वोट की चोरी'।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "देश के युवा मेहनत करते हैं, सपने देखते हैं, अपने भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। लेकिन मोदी जी केवल अपने पीआर में व्यस्त हैं, सितारों से तारीफें बटोर रहे हैं, अरबपतियों के मुनाफे की चिंता कर रहे हैं। युवाओं के सपनों को तोड़ना और उन्हें हताश करना इस सरकार की पहचान बन चुकी है।" उन्होंने आगे कहा, "भारत के युवा समझ चुके हैं कि असली लड़ाई नौकरियों के लिए नहीं, बल्कि वोट चोरी के खिलाफ है। क्योंकि जब तक चुनाव चोरी होते रहेंगे, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ते रहेंगे।"

राहुल का आरोप

राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से भाजपा पर आरोप लगाया कि वह चुनाव ईमानदारी से नहीं जीतती। "जब कोई सरकार जनता के भरोसे से सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्य युवाओं को रोजगार और अवसर देना होता है। लेकिन भाजपा चुनाव ईमानदारी से नहीं जीतती – वह वोट चुराकर और संस्थाओं को कैद करके सत्ता में बनी रहती है।" इस 'वोट चोरी' के कारण ही बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, उन्होंने दावा किया।

उन्होंने कहा कि नौकरियां घट रही हैं, भर्ती प्रक्रियाएं ध्वस्त हो चुकी हैं, और युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा है। "हर परीक्षा का पेपर लीक होना, हर भर्ती में भ्रष्टाचार की कहानियां इसी का नतीजा हैं।" राहुल ने जोर देकर कहा कि अब युवा नौकरी की चोरी या वोट की चोरी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने निष्कर्ष में कहा, "भारत को बेरोजगारी और वोट चोरी से मुक्त करना अब सबसे बड़ा देशभक्ति का काम है।"

युवाओं पर पुलिस का लाठीचार्ज

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें स्क्रीन को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक तरफ पुलिस द्वारा नौकरी की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का दृश्य है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पौधारोपण करते, मोरों को दाना खिलाते और योग करते दिखाया गया है। यह वीडियो सरकार की प्राथमिकताओं पर कटाक्ष करता है – जहां एक ओर युवा सड़कों पर उतरकर रोजगार की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार 'पीआर' और छवि निर्माण में मशगूल है।

यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जहां बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा बन चुका है। राहुल का यह हमला विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो युवा वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है।

बेरोजगारी का आंकड़ा

राहुल गांधी के दावे के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर 45 साल के उच्चतम स्तर पर है। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवा बेरोजगारी दर 23 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई है। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ने से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक मंदी, ऑटोमेशन और नीतिगत कमियों के कारण नौकरियों का संकट गहरा रहा है।

राहुल ने हाल ही में वायनाड में एक रैली के दौरान भी इसी तरह के बयान दिए थे। उन्होंने कहा था, "हम एक हाइड्रोजन बम जैसी सच्चाई उजागर करने वाले हैं, जो स्थिति की हकीकत को पूरी तरह तबाह कर देगी। हमारे पास खुला और बंद सबूत हैं। बिना प्रमाण के कुछ नहीं कह रहे, 100 प्रतिशत चीजें सामने आएंगी।

भाजपा का संभावित जवाब

भाजपा ने अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के प्रवक्ता अक्सर कांग्रेस के आरोपों को 'नकारात्मक राजनीति' बताते रहे हैं। सरकार का दावा है कि 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं से लाखों नौकरियां पैदा हो रही हैं। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि ये आंकड़े हवा-हवाई हैं और जमीनी हकीकत कुछ और है।

राहुल गांधी का यह बयान विपक्ष की 'न्याय यात्रा' और अन्य अभियानों का हिस्सा लगता है, जो बेरोजगारी, महंगाई और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित हैं। युवा संगठनों ने भी राहुल के बयान का स्वागत किया है, कहते हुए कि यह उनकी आवाज को मजबूती देगा।

'वोट चोरी' का हंगामा: चुनाव आयोग पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने अगस्त-सितंबर 2025 में 'वोट चोरी' को बड़ा मुद्दा बनाया। 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा और आलंद विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी मतदाताओं को जोड़ने और कांग्रेस समर्थक वोटरों के नाम हटाने का आरोप लगाया। राहुल ने दावा किया कि 2024 के महाराष्ट्र चुनावों में भी धांधली हुई, और चुनाव आयोग (ECI) भाजपा की 'ढाल' बन गया है। 18 सितंबर को एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा, कहा, "मैं 100% सबूत दूंगा कि ECI वोट चोरों की रक्षा कर रहा है।" उन्होंने 'हाइड्रोजन बम' जैसे सबूतों का जिक्र किया, जो लोकतंत्र पर हमला उजागर करेंगे।

चुनाव आयोग का पलटवार: ECI ने आरोपों को 'झूठा और बेबुनियाद' बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ECI ने कहा कि वोटर लिस्ट में बदलाव प्रक्रिया के तहत होते हैं, न कि धांधली से। कर्नाटक के आलंद में 6018 वोटरों के नाम हटाने के दावे पर ECI ने स्पष्ट किया कि ये सत्यापन (SIR) का हिस्सा था। राहुल ने वीडियो और दस्तावेज दिखाए, लेकिन ECI ने इन्हें 'राजनीतिक प्रचार' करार दिया।

सियासी प्रतिक्रिया: भाजपा ने इसे 'हार मान लेना' बताया। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "राहुल चुनाव से पहले ही हार मान चुके हैं।" कर्नाटक सरकार ने आलंद मामले की जांच के लिए SIT गठित की, जो राहुल के दावों को बल दे रही है। एक्स पर #VoteChori ट्रेंड कर रहा है, जहां युवा और विपक्षी समर्थक राहुल के साथ खड़े दिख रहे हैं।

Gen Z के साथ खड़े होने का ऐलान

Gen-Z किसी का...' मनीष तिवारी ने राहुल गांधी पर बोला हमला!

राहुल गांधी के हाल ही विवाद

1. 'वोट चोरी' का हंगामा: चुनाव आयोग पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने अगस्त-सितंबर 2025 में 'वोट चोरी' को बड़ा मुद्दा बनाया। 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा और आलंद विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी मतदाताओं को जोड़ने और कांग्रेस समर्थक वोटरों के नाम हटाने का आरोप लगाया। राहुल ने दावा किया कि 2024 के महाराष्ट्र चुनावों में भी धांधली हुई, और चुनाव आयोग (ECI) भाजपा की 'ढाल' बन गया है। 18 सितंबर को एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा, कहा, "मैं 100% सबूत दूंगा कि ECI वोट चोरों की रक्षा कर रहा है।" उन्होंने 'हाइड्रोजन बम' जैसे सबूतों का जिक्र किया, जो लोकतंत्र पर हमला उजागर करेंगे।

चुनाव आयोग का पलटवार: ECI ने आरोपों को 'झूठा और बेबुनियाद' बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ECI ने कहा कि वोटर लिस्ट में बदलाव प्रक्रिया के तहत होते हैं, न कि धांधली से। कर्नाटक के आलंद में 6018 वोटरों के नाम हटाने के दावे पर ECI ने स्पष्ट किया कि ये सत्यापन (SIR) का हिस्सा था। राहुल ने वीडियो और दस्तावेज दिखाए, लेकिन ECI ने इन्हें 'राजनीतिक प्रचार' करार दिया।

सियासी प्रतिक्रिया: भाजपा ने इसे 'हार मान लेना' बताया। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "राहुल चुनाव से पहले ही हार मान चुके हैं।" कर्नाटक सरकार ने आलंद मामले की जांच के लिए SIT गठित की, जो राहुल के दावों को बल दे रही है। एक्स पर #VoteChori ट्रेंड कर रहा है, जहां युवा और विपक्षी समर्थक राहुल के साथ खड़े दिख रहे हैं।

2. 'भारतीय राज्य से लड़ाई' बयान: राजद्रोह का केस?

20 सितंबर को लखनऊ कोर्ट में एक याचिका दायर हुई, जिसमें राहुल गांधी समेत सोनिया, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पर राजद्रोह (सेडिशन) का केस चलाने की मांग की गई। याचिकाकर्ता आलोक वर्मा ने आरोप लगाया कि राहुल का बयान "हम अब बीजेपी से नहीं, बल्कि आरएसएस और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं" देश की एकता को खतरे में डालता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

राहुल का पक्ष: कांग्रेस ने इसे 'राजनीतिक साजिश' बताया। राहुल ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा 'संस्थागत सत्ता के दुरुपयोग' से था, न कि देश से। एक्स पर समर्थकों ने #SaveRahulGandhi कैंपेन चलाया। भाजपा ने इसे 'देशविरोधी मानसिकता' कहा।

3. Gen-Z पोस्ट और 'नेपाल प्लान': युवाओं को भड़काने का आरोप

18 सितंबर को राहुल ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें नेपाल के Gen-Z आंदोलन का जिक्र करते हुए युवाओं से 'संविधान बचाओ' की अपील की। भाजपा ने इसे 'युवाओं को भड़काना' बताया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "राहुल देश की युवाशक्ति को गुमराह कर रहे हैं।" अमित शाह ने इसे 'सत्ता की भूख' करार दिया। राहुल ने जवाब दिया, "लोकतंत्र बचाना देशभक्ति है।"

विवाद का केंद्र: पोस्ट में राहुल ने 'वोट चोरी' से जोड़ते हुए कहा कि युवा अब चुप नहीं रहेंगे। एक्स पर #RahulGenZ ट्रेंड हुआ, लेकिन भाजपा ने इसे 'नेपाल जैसा अराजकता फैलाने की साजिश' कहा।

4. प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोन नंबर लीक: निजता का उल्लंघन?

'वोट चोरी' प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने सबूत दिखाते हुए प्रयागराज के अंजनी मिश्रा का निजी फोन नंबर सार्वजनिक कर दिया। मिश्रा ने FIR की धमकी दी, कहा कि इससे उनकी निजता भंग हुई। कांग्रेस ने इसे 'गलती' बताया, लेकिन विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या ये जानबूझकर प्रचार था?

5. रायबरेली दौरा: काफिले पर हमला और सुरक्षा विवाद

10-11 सितंबर को रायबरेली दौरे पर राहुल का काफिला भाजपा समर्थकों ने रोका। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सड़क पर धरना दिया, नारेबाजी हुई। कांग्रेस ने इसे 'हमला' बताया, जबकि भाजपा ने 'लोकतांत्रिक विरोध' कहा। इससे पहले, मलेशिया यात्रा पर राहुल की लोकेशन लीक होने से सुरक्षा चिंता बढ़ी। सुप्रिया श्रीनाते ने भाजपा IT सेल पर आरोप लगाया।

6. अन्य पुराने लेकिन चर्चित विवाद (2025 के संदर्भ में)

  • दोहरी नागरिकता: मार्च 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई, जिसमें राहुल की ब्रिटिश नागरिकता का दावा किया गया। कोर्ट ने केंद्र को जवाब मांगा।
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी दौरा: मई 2025 में बिना पूर्व अनुमति के DU कैंपस विजिट पर विवाद। यूनिवर्सिटी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाया।
  • गुरुद्वारे में सिरोपा: सितंबर में एक गुरुद्वारे में सिरोपा पहनाने पर धार्मिक विवाद, जहां कुछ सिख संगठनों ने आपत्ति जताई।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ और सर्वे?

मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे (जुलाई-अगस्त 2025) में 38% ने राहुल को कांग्रेस का सबसे उपयुक्त नेता माना, लेकिन विवादों ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि ये विवाद बिहार चुनावों में युवा वोटरों को लामबंद करने की कोशिश हैं, लेकिन भाजपा इसे 'डराने-भड़काने' की रणनीति बता रही है।

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