पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश में महंगाई को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोगों को चार अहम क्षेत्रों में महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा हालात सिर्फ सामान्य आर्थिक बदलाव नहीं हैं, बल्कि आने वाले संकट के संकेत हैं। उनका कहना है कि सरकार इन संकेतों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
रुपये की कमजोरी और ईंधन कीमतों पर चिंता
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि भविष्य की महंगाई की चेतावनी हैं। राहुल के अनुसार, अगर यही स्थिति जारी रही तो उत्पादन और ट्रांसपोर्ट दोनों महंगे हो जाएंगे। इससे सामान बनाने और उसे बाजार तक पहुंचाने की लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा।
MSME और आम लोगों पर पड़ेगा असर
राहुल गांधी ने कहा कि सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम उद्योगों पर पड़ेगा। MSME सेक्टर पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और बढ़ती लागत उसे और कमजोर कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे, जिससे हर परिवार का बजट प्रभावित होगा। साथ ही विदेशी निवेशकों का पैसा तेजी से बाहर जा सकता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा। राहुल के मुताबिक यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का संकेत है।
सरकार पर सीधा हमला और पुराने आरोप
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसके पास न कोई स्पष्ट दिशा है और न ही ठोस रणनीति, सिर्फ बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे पहले भी राहुल गांधी सरकार पर ऊर्जा सुरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर चर्चा करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बोलने का पूरा मौका नहीं मिला। इस बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
