प्रधानमंत्री मोदी ने की 20 मिनट की ऐतिहासिक संबोधन, 99 वस्तुओं पर सिर्फ 5% टैक्स – आम आदमी को मिली बड़ी राहत
शारदीय नवरात्रि की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधारों की घोषणा की। लगभग 20 मिनट के इस संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली संबोधन में पीएम मोदी ने "जीएसटी बचत उत्सव" की शुरुआत की पुष्टि की, जो कल यानी 22 सितंबर से देशभर में लागू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 99 प्रतिशत वस्तुओं पर जीएसटी दर को घटाकर मात्र 5% कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों, किसानों और मध्यम वर्ग की जेब में हर महीने हजारों रुपये की बचत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत नवरात्रि की शुभकामनाओं से की। उन्होंने कहा, "कल से नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। इस पावन अवसर पर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत हो रही है, जो हर भारतीय के लिए खुशी का संदेश लेकर आया है।" पीएम ने इसे "नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स" का हिस्सा बताते हुए जोर दिया कि यह सुधार न केवल टैक्स सिस्टम को सरल बनाएंगे, बल्कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों की टैक्स नीतियों पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा, "कांग्रेस सरकार के समय बच्चों की टॉफियों पर भी 21% टैक्स लगता था। आज हम टैक्स का बोझ कम कर रहे हैं, ताकि हर घर में खुशहाली आए।" उन्होंने वादा निभाने का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस भाषण में किए गए वादे को पूरा किया गया है। यह उत्सव दिवाली से पहले आया है, लेकिन नवरात्रि के पहले दिन से ही लागू हो जाएगा, जिससे फेस्टिव सीजन में उपभोक्ताओं को "दोहरा धमाका" मिलेगा।
जीएसटी में बड़े बदलाव, अब सिर्फ दो स्लैब
जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक (3 सितंबर 2025) में लिए गए फैसलों को लागू करने की पूर्व संध्या पर यह संबोधन हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद बताया था कि 12% और 28% के स्लैब को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब जीएसटी की केवल दो मुख्य दरें होंगी – 5% और 18%। लग्जरी और सिन गुड्स (जैसे पान मसाला, गुटखा, सिगरेट) पर 40% का अलग टैक्स रहेगा।
इस बदलाव से 99% वस्तुओं (मुख्य रूप से रोजमर्रा की जरूरतों पर) का टैक्स 12% या 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। कुछ वस्तुओं को पूरी तरह टैक्स-फ्री (0%) भी कर दिया गया है। इससे अनुमानित रूप से 400 से अधिक वस्तुएं सस्ती होंगी, जिनमें दूध, पनीर, घी, साबुन, शैंपू, कपड़े, फुटवियर, कार, बाइक, एसी, फ्रिज, मोबाइल और शिक्षा-संबंधी सामान शामिल हैं।
सस्ती होने वाली प्रमुख वस्तुओं की सूची:
| वस्तु श्रेणी | पुरानी दर (%) | नई दर (%) | अनुमानित बचत का प्रभाव |
|---|---|---|---|
| दूध, पनीर, घी | 12-18 | 5 | किराने का खर्च 10-15% कम |
| साबुन, शैंपू, टॉयलेट्री | 18 | 5 | दैनिक जरूरतों पर राहत |
| कपड़े (2500 रुपये तक) | 12 | 5 | फेस्टिव शॉपिंग सस्ती |
| फुटवियर (1000 रुपये तक) | 12 | 5 | आम आदमी को फायदा |
| कार/बाइक (350cc तक) | 28 | 18 | ऑटो सेक्टर में उछाल |
| एसी, फ्रिज, टीवी | 28 | 18 | घरेलू उपकरण सस्ते |
| पेंसिल, नोटबुक, किताबें | 12 | 0 | शिक्षा क्षेत्र में क्रांति |
| हेल्थ/लाइफ इंश्योरेंस (5 लाख तक) | 18 | 0 | स्वास्थ्य सुरक्षा आसान |
| जीवन रक्षक दवाएं | 12 | 0 | मरीजों को बड़ी राहत |
ये बदलाव 22 सितंबर से सभी वस्तुओं पर (सिन गुड्स को छोड़कर) प्रभावी होंगे, जबकि सेवाओं पर 1 अक्टूबर से लागू होंगी।
किसानों से लेकर मध्यम वर्ग तक लाभ
पीएम मोदी ने संबोधन में स्पष्ट किया कि ये सुधार "वन नेशन, वन टैक्स" के सपने को साकार करेंगे। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "2017 में केवल 65 लाख जीएसटीदाता थे, आज 1.5 करोड़ हैं। कलेक्शन 7.18 लाख करोड़ से बढ़कर 22.08 लाख करोड़ हो गया।" इससे किसानों को बीज, खाद जैसी वस्तुओं पर राहत मिलेगी, जबकि मध्यम वर्ग को इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहनों पर बचत होगी।
विपक्ष ने इसे "गब्बर सिंह टैक्स" कहकर आलोचना की, लेकिन भाजपा सांसदों ने इसे पीएम के वादे का पूरा होना बताया। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बुनियादी ढांचा परियोजनाएं सस्ती होंगी और नकदी प्रवाह में सुधार आएगा।



