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रेप केस में 'प्रज्वल रेवन्ना' को उम्र कैद की सजा: कोर्ट ने पीड़ित को ₹11.25 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया

रेप केस में 'प्रज्वल रेवन्ना' को उम्र कैद की सजा: कोर्ट ने पीड़ित को ₹11.25 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया

जनता दल के पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के मामले में बेंगलुरु स्पेशल कोर्ट शनिवार 2 अगस्त ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इतना ही नही कोर्ट ने उन पर कुल ₹11.50 लाख का जुर्माना भी लगाया, जिसमें से ₹11.25 लाख पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। यह सजा हासन जिले के होलेनरसीपुरा में रेवन्ना परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 वर्षीय घरेलू सहायिका के साथ बलात्कार के मामले में दी गई है।

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यह मामला अप्रैल 2024 में तब सुर्खियों में आया जब लोकसभा चुनाव से पहले हासन में उनके कथित अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव वायरल हुई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि प्रज्वल ने 2021 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दो बार उनका बलात्कार किया—एक बार होलेनरसीपुरा के फार्महाउस में और दूसरी बार बेंगलुरु के बसवनगुडी स्थित रेवन्ना परिवार के आवास पर। पीड़िता ने यह भी बताया कि प्रज्वल ने इन घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड किया और उन्हें धमकियां देकर चुप रहने के लिए मजबूर किया।

जांच और सबूत

कर्नाटक सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसमें सभी महिला अधिकारी शामिल थीं। SIT ने 1,632 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 26 गवाहों के बयान और 180 से अधिक दस्तावेज शामिल थे। जांच में एक महत्वपूर्ण सबूत के रूप में पीड़िता की साड़ी को पेश किया गया, जिसे उसने सबूत के तौर पर संभाल कर रखा था। फोरेंसिक जांच में साड़ी पर प्रज्वल का डीएनए और स्पर्म के निशान पाए गए, जिसने मामले को और मजबूत किया। इसके अलावा, वीडियो क्लिप्स और मोबाइल लोकेशन डेटा ने भी प्रज्वल की करतूतों को उजागर किया।

कोर्ट की कार्यवाही

स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने 1 अगस्त 2025 को प्रज्वल रेवन्ना को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(के) (प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा बलात्कार), 376(2)(एन) (बार-बार बलात्कार), 354(ए) (कपड़े उतारने के इरादे से हमला), 354(सी) (ताक-झांक), 506 (साक्ष्यों को छिपाने की धमकी), और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(ई) के तहत दोषी ठहराया। सजा की घोषणा 2 अगस्त को की गई। प्रज्वल ने कोर्ट में दावा किया कि यह मामला "राजनीति से प्रेरित" है और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, लेकिन सबूतों की मजबूती ने उनके तर्क को खारिज कर दिया। फैसला सुनते समय प्रज्वल कोर्ट में भावुक हो गए और रो पड़े।

सजा और मुआवजा

कोर्ट ने प्रज्वल को दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई और ₹11.50 लाख का जुर्माना लगाया, जिसमें से ₹11.25 लाख पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। यह सजा तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। विशेष लोक अभियोजक अशोक नायक ने कहा, "पीड़िता का बयान अडिग था, और यह उसकी जीत है।

प्रज्वल रेवन्ना का पतन

प्रज्वल रेवन्ना, जो 2019 में हासन से लोकसभा सांसद चुने गए थे, 2024 के लोकसभा चुनाव में हार गए थे। इस मामले के बाद जनता दल (सेक्युलर) ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। अप्रैल 2024 में वीडियो लीक होने के बाद प्रज्वल जर्मनी भाग गए थे, लेकिन 31 मई 2024 को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उनकी गिरफ्तारी हुई। उनकी कई जमानत याचिकाएं कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दीं।

प्रज्वल के खिलाफ कुल चार बलात्कार के मामले दर्ज हैं, जिनमें से यह पहला मामला है जिसमें सजा सुनाई गई है। बाकी तीन मामलों की सुनवाई अभी बाकी है। पीड़िता ने प्रज्वल और उनके पिता, जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना, पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें अन्य महिला कर्मचारियों के यौन शोषण का दावा शामिल है। इस मामले ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल मचा दी है और सत्ता के दुरुपयोग व राजनीतिक वंशवाद पर सवाल उठाए हैं।

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