विदेश में बैठे भारतीय वैज्ञानिकों के लिए बड़ा मौका, सरकार देगी 14 करोड़ तक की मदद, जानिए कैसे मिलेगा फायदा
भारत सरकार अब देश में रिसर्च को नई रफ्तार देने की तैयारी में है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026 शुरू की गई है। इस योजना के तहत विदेशों की बड़ी यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थानों में काम कर रहे भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भारत में शोध करने का मौका दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि वैश्विक अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ देश की शिक्षा और रिसर्च व्यवस्था को और मजबूत बनाएं।
चयनित उम्मीदवारों को मिलेगी बड़ी आर्थिक मदद
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी आर्थिक सहायता है। चयनित शोधकर्ताओं को रिसर्च प्रोजेक्ट चलाने के लिए अधिकतम 14 करोड़ रुपये तक की मदद दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल आधुनिक शोध, प्रयोगशाला, उपकरण और रिसर्च टीम तैयार करने जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे भारत में विश्वस्तरीय शोध को बढ़ावा मिलेगा और नई तकनीकों के विकास में तेजी आएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
पीएमआरसी योजना के लिए विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ओसीआई (OCI) कार्डधारक और भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) भी पात्र हैं। आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद योग्य आवेदनों की जांच और चयन प्रक्रिया शुरू होगी।
ऐसे करें आवेदन
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को PMRC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद शैक्षणिक योग्यता, पेशेवर अनुभव और रिसर्च से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा किया जा सकेगा। चयनित उम्मीदवारों को भारत के प्रमुख संस्थानों में रिसर्च का अवसर मिलेगा।
रिसर्च में आत्मनिर्भर भारत की नई पहल
सरकार का मानना है कि इस योजना से भारत में उच्च शिक्षा और शोध का स्तर और बेहतर होगा। विदेशों में काम कर रहे अनुभवी भारतीय विशेषज्ञ अपने ज्ञान और अनुभव का लाभ देश के छात्रों और वैज्ञानिकों को दे सकेंगे। इससे नई खोज, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत को वैश्विक रिसर्च हब बनाने की दिशा में भी यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
15 जुलाई तक है मौका
अगर आप या आपके परिचित विदेश में रिसर्च या वैज्ञानिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, तो यह योजना बड़ा अवसर साबित हो सकती है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 है। समय रहते आवेदन करने वाले योग्य उम्मीदवारों को न केवल करोड़ों रुपये की रिसर्च सहायता मिल सकती है, बल्कि भारत में विज्ञान और तकनीक के भविष्य को नई दिशा देने का भी मौका मिलेगा।
