घर बैठे नौकरी का सपना बना जाल, फर्जी वेबसाइट से 70 से ज्यादा बेरोजगारों से लाखों की ठगी, पढ़ें पूरी खबर
देशभर में नौकरी तलाश रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर साइबर ठग बड़ा खेल खेल रहे थे। नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्जी जॉब वेबसाइट बनाकर और वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर 70 से ज्यादा लोगों से ठगी की। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और जांच अभी जारी है।
फर्जी वेबसाइट और कॉल सेंटर से फंसाते थे लोग
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग नामों से फर्जी जॉब वेबसाइट तैयार करता था। इन वेबसाइटों पर बड़ी कंपनियों में नौकरी और घर बैठे काम करने के आकर्षक विज्ञापन डाले जाते थे। इसके बाद कॉल सेंटर के जरिए नौकरी तलाश रहे लोगों से संपर्क किया जाता और रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे जमा कराए जाते। रकम मिलते ही पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था।
बैंक खाते बदलकर छिपाते थे सबूत
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। आरोपी एटीएम से पैसे निकालकर अपने साथियों तक पहुंचाता था। शिकायत दर्ज होने की आशंका होते ही बैंक खाते, मोबाइल नंबर और सिम कार्ड बदल दिए जाते थे। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और कई अभ्यर्थियों का डेटा भी बरामद हुआ है। मोबाइल में नौकरी के ऑफर लेटर, कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सऐप चैट भी मिली हैं।
नौकरी के नाम पर रहें सतर्क
पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। शुरुआती जांच में झारखंड से पूरे नेटवर्क के संचालन की बात सामने आई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी अनजान वेबसाइट या व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन फीस या प्रोसेसिंग चार्ज न दें। किसी भी कंपनी की वेबसाइट और भर्ती प्रक्रिया की पहले अच्छी तरह जांच करें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सके।
