पीएम मोदी शुक्रवार को बिहार के सीवान पहुचें यहां उन्होने जल, जल, रेल और बिजली क्षेत्र सहित कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और विकास कार्यों का उद्घाटन किया. इस दौरान राज्य के मुखिया नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मंच पर मौजूद रहे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार के विभिन्न शहरों में 5900 करोड़ रुपये की लागत के तहत नमामि गंगे परियोजना से जुड़ीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और जलापूर्ति के विभिन्न प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण किया है. सीवान की धरती से पीएम मोदी ने कुल 28 परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं के पीछें मकसद बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा जब से NDA को मौका मिला बिहार में बहुत काम हुआ है। हमसे पहले जो लोग थे उनसे पूछना चाहिए कि पहले क्या हाल था? पहले लोग घर से बाहर नहीं निकल पाते थे। आज इतनी बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात को सुनने पहुंचे हैं। आज महिलाएं घर से निकल रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जल, रेल और बिजली क्षेत्र सहित कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और विकास कार्यों का उद्घाटन किया। उन्होने कहा विकास की ये सारी परियोजनाएं बिहार को उज्ज्वल भविष्य की तरफ ले जाएगी, समृद्ध बिहार बनाएंगी। सीवान की ये धरती हमारे स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक स्थली है। ये हमारे लोकतंत्र को, देश को, संविधान को ताकत देने वाली भूमि है। उन्होने आगे कहा आप सब जानते हैं कि मैं कल ही विदेश से लौटा हूं। इस दौरे में मेरी दुनिया के बड़े-बड़े समृद्ध देशों के नेताओं से बातचीत हुई है।
NDA सरकार बिहार को विकास की पटरी पर वापस लाई- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा इन लोगों ने ऐसी लूट-खसोट मचाई की गरीबी बिहार का दुर्भाग्य बन गई। अनेक चुनौतियों को पार करते हुए नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार बिहार को विकास की पटरी पर वापस लाई है। और मैं बिहार वासियों को विश्वास दिलाने आया हूं कि हमने भले बहुत कुछ किया हो, करते रहे हैं, करते रहेंगे। लेकिन इतने से शांत होकर रहने वाला मोदी नहीं है। मुझे तो अभी बिहार के लिए और भी बहुत कुछ करना है। उन्होने कहा मेरे इस विश्वास का कारण बिहार के आप सभी लोगों का सामर्थ्य है। आपने मिलकर बिहार से जंगलराज का सफाया किया है। यहां के हमारे नौजवानों ने तो 20 साल पहले के बिहार की बदहाली सिर्फ किस्सों और कथाओं में ही सुनी है। उन्हें अंदाजा ही नहीं है कि जंगलराज वालों ने बिहार की क्या हालत बना दी थी। जिस बिहार ने सदियों तक भारत की प्रगति को नेतृत्व दिया। उसको पंजे और लालटेन के शिकंजे ने पलायन का प्रतीक बना दिया था। पहले बिहार कि आधे से अधिक आबादी बहुत अधिक गरीब की श्रेणी में आती थी। लेकिन बीते दशक में बिहार के लगभग 3.75 करोड़ साथियों में खुद को गरीबी से मुक्त किया है।



