PM नरेंद्र मोदी ने महावीर जयंती के मौके पर गुजरात के गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया और भारत विरासत महोत्सव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संस्कृति, विरासत और विकास को लेकर कई अहम बातें कहीं।
वोट बैंक राजनीति पर तीखा हमला
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले काम वोट बैंक और एक राजनीतिक परिवार के नैरेटिव के हिसाब से होते थे। उन्होंने कहा कि अब सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है और इसी सोच के साथ देश आगे बढ़ रहा है।
भारत की विरासत और संस्कृति पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति और विरासत से है। उन्होंने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्रों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने इस धरोहर को नजरअंदाज किया, लेकिन अब इसे सहेजने का काम किया जा रहा है।
नए संकल्पों से जोड़ा जनता को
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोगों को कई संकल्प दिलाए, जिनमें पानी बचाना, स्वच्छता, प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली और विरासत को बचाना शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए हर नागरिक का योगदान जरूरी है।
विश्व हालात पर भी जताई चिंता
इस दौरान प्रधानमंत्री ने वैश्विक हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय अस्थिरता और अशांति के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत शांति और विकास का संदेश दे रहा है।
रोड शो और आगे का दौरा तय
कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी बनासकांठा में रोड शो करेंगे और फिर असम के दौरे पर रवाना होंगे। उनके इस दौरे को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के खास इंतजाम किए गए हैं, जिससे साफ है कि यह दौरा सियासी और रणनीतिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।
