केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और इसके जवाब में किए गए सैन्य अभियान "ऑपरेशन महादेव" की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में निर्दोष नागरिकों को उनके धर्म पूछकर मारने वाले तीनों आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है। यह हमला, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों द्वारा अंजाम दिया गया था।
आपको याद दिला की 22 अप्रैल 2025 को दोपहर में पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया। आतंकियों ने पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछा और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे, इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRF ने ली थी।
ऑपरेशन महादेव से आतंकियों का खात्मा
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि हमले के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को जांच सौंपी गई, और 23 अप्रैल को श्रीनगर में एक सुरक्षा बैठक में यह तय किया गया कि आतंकी देश छोड़कर भागने न पाएं। मई से 22 जुलाई तक खुफिया जानकारी और सिग्नल ट्रैकिंग के आधार पर आतंकियों की तलाश जारी रही। 22 जुलाई को दाचीगाम के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
28 जुलाई 2025 को "ऑपरेशन महादेव" के तहत भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से दाचीगाम के हरवान इलाके में कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में तीन आतंकियों—सुलेमान उर्फ फैजल जट, हमजा उर्फ अफगान, और जिबरान उर्फ छोटू अफगानी—को मार गिराया गया। सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का A-श्रेणी का कमांडर था, जो पहलगाम और गगनगीर हमलों में शामिल था।
सांसद मे अमित शाह ने दी जानकारी
अमित शाह ने बताया कि आतंकियों की पहचान की पुष्टि NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए दो स्थानीय लोगों—परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद—ने की, जो आतंकियों को पनाह और खाना दे रहे थे। जब आतंकियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो चार लोगों ने उनकी पहचान की। इसके अलावा, चंडीगढ़ की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में किए गए बैलिस्टिक टेस्ट से पुष्टि हुई कि आतंकियों के पास से बरामद M9 कार्बाइन और दो AK-47 राइफलें वही हथियार थे, जिनका इस्तेमाल पहलगाम हमले में किया गया था। आतंकियों के पास से 17 ग्रेनेड और अन्य हथियार भी बरामद किए गए।
शाह ने यह भी बताया कि दो आतंकियों के पास पाकिस्तानी वोटर कार्ड और पाकिस्तान में बनी चॉकलेट मिली, जो उनके पाकिस्तानी मूल का सबूत है। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष कुछ नेताओं द्वारा पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश निंदनीय है।
शाह ने "ऑपरेशन सिंदूर" की भी चर्चा की, जो 7 मई 2025 को रात 1:04 से 1:24 बजे के बीच चलाया गया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों और 11 एयरबेस को नष्ट किया गया, जिसमें कोई भी पाकिस्तानी नागरिक नहीं मारा गया। शाह ने कहा कि यह ऑपरेशन आत्मरक्षा के अधिकार के तहत किया गया और भारत अब आतंकी हमलों का जवाब चुपचाप बैठकर नहीं देगा।
विपक्ष पर कंसा तंज
लोकसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने कई सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और सपा सांसद अखिलेश यादव ने सुरक्षा चूक और युद्ध न करने की बात पर सरकार को घेरने की कोशिश की। जवाब में शाह ने कहा, "मैं उम्मीद करता था कि आतंकियों के मारे जाने की खबर पर पक्ष-विपक्ष में खुशी की लहर दौड़ेगी, लेकिन कुछ लोगों के चेहरे पर स्याही पड़ गई।" उन्होंने अखिलेश यादव को तंज कसते हुए कहा, "अखिलेश जी, बैठ जाइए, आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने सेना, CRPF, और जम्मू-कश्मीर पुलिस की बहादुरी की सराहना की और कहा कि यह ऑपरेशन 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाती रहेगी।



